मेरठ। पांच साल पहले पत्नी और मासूम बेटे की हत्या के मुकदमे में कोर्ट ने पति को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंंडित किया है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एसएसपी डा, विपिन ताडा ने आरोपियों को प्रभावी पैरवी कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के आदेश रखे है। इसकी निगरानी के लिए मानिटरिंग सेल अलग से गठित है।
सीओ किठौर प्रमोद कुमार सिंह ने बताया, 25 फरवरी 2020 को तिलकराम निवासी कलंजरी थाना जानी खुर्द जिला मेरठ ने खरखौदा थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें वादी ने बताया था कि दामाद मोनू उर्फ योगेश्वर पुत्र श्यौराज सिंह निवासी जाहिदपुर थाना खरखौदा हाल थाना लोहियानगर ने उनकी बेटी निशा व आठ माह के धेवते की हत्या कर दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की विवेचना के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी मनीष विष्ट ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
सीओ ने बताया, मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में हुई। मोनू को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए न्यायालय में एडीजीसी सुचि शर्मा, कोर्ट मोहर्रिर भूपेंद्न सिंह व खरखौदा खाने के पैरोकार हेड कांस्टेबल हरिसिंह ने सशक्त और प्रभावी पैरवी की और समय-समय पर गवाहों की बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया, न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद पति मोनू उर्फ योगेश्वर आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।