यमन के हूती समूह ने गुरुवार को दावा किया कि उसने पूर्वी मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकारी बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया है। समूह ने दावा किया कि इन हमलों में 'सैकड़ों लोग हताहत' हुए हैं।
35 यमनी सरकारी सैनिक मारे गए
इससे पहले दिन में एक सैन्य अधिकारी ने मीडिया को बताया कि मारिब और हदरामौत में सैन्य ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों में कम से कम 35 यमनी सरकारी सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
मिसाइलों के इस्तेमाल होने की आशंका
अधिकारी ने कहा कि हमले दोनों प्रांतों के कई स्थानों पर स्थित सैन्य बैरकों और चौकियों पर किए गए। इनमें सऊदी अरब के समर्थन से हाल ही में गठित यमनी इमरजेंसी फोर्स के ठिकाने भी शामिल थे। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि कुछ हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल होने की आशंका है।
हमलों में जनहानि और संपत्ति का नुकसान
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यमनी इमरजेंसी फोर्स ने भी पुष्टि की कि उसके कई सैन्य शिविरों और इकाइयों, जिनमें उसकी पहली डिवीजन की चौकियां भी शामिल हैं, पर हमला हुआ है। इन हमलों में जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ है। इमरजेंसी फोर्स का कहना है कि ये हमले हाल ही में सरकारी बलों की ओर से क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चलाए गए सुरक्षा अभियानों के बाद हुए हैं।
बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया
दूसरी ओर, हूती समूह ने बुधवार को दावा किया था कि उसने अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले उसने उत्तरी लाल सागर में एक अन्य सऊदी टैंकर पर मिसाइल हमला करने का भी दावा किया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा कि 'डेजी' नामक टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसे लौटना पड़ा।