उत्तरी प्रांत अल-जौफ में सऊदी अरब के एक जासूसी ड्रोन को यमन के हूती समूह ने मार गिराने का दावा किया। इसी बीच, दक्षिणी लाल सागर इलाके में एक टैंकर से जुड़ी एक अलग सुरक्षा घटना की भी खबर सामने आई है।
'उपयुक्त हथियारों' से गिरा दिया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि समूह की सेनाओं ने अल-जौफ के हवाई क्षेत्र में 'दुश्मन गतिविधियों' में लगे इस ड्रोन को 'उपयुक्त हथियारों' से गिरा दिया। हालांकि, उन्होंने इस कार्रवाई के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।
सुरक्षा घटना की सूचना मिली
इससे पहले रविवार को ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बताया कि उसे दक्षिणी लाल सागर में एक सुरक्षा घटना की सूचना मिली है। यह घटना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के पास हुई, जहां एक टैंकर ने जहाज के काफी करीब किसी अज्ञात चीज के पानी में गिरने की आवाज देखी। जहाज और उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं।
इलाकों पर हवाई हमले शुरू किए
ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब हूती समूह ने पिछले हफ्ते सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के लिए समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले करने का दावा किया था। इसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती नियंत्रण वाले इलाकों पर हवाई हमले शुरू किए।
मिसाइल और ड्रोन हमले किए
सरकारी यमन टीवी ने शनिवार को बताया कि उत्तरी यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। वहीं, हूती समूह ने दावा किया कि उसने सऊदी अरब के जिजान और यानबू क्षेत्रों में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
सरकार के समर्थन में यमन में सैन्य हस्तक्षेप
यमन में संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हूतियों ने उत्तरी यमन के बड़े हिस्से, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में यमन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
नई चिंताएं पैदा कर दी हैं
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम 2022 में खत्म हो गया था, लेकिन उसके बाद से एक कमजोर और अनौपचारिक युद्धविराम काफी हद तक कायम रहा है। हाल की बढ़ती हिंसा ने क्षेत्रीय सुरक्षा और लाल सागर से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हूती समूह ने शनिवार को यह भी दावा किया था कि उसने सऊदी अरब के जिजान और यानबू क्षेत्रों में ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। समूह के अनुसार, ये हमले पश्चिमी यमन में हूती नियंत्रण वाले इलाकों पर रात में किए गए सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमलों के जवाब में किए गए थे।