उत्तर प्रदेश के बरेली में बारादरी थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने नेपाल से स्मैक और चरस मंगाकर बरेली, दिल्ली और उत्तराखंड में सप्लाई करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से कुल 1 किग्रा 439 ग्राम स्मैक और 552 ग्राम चरस बरामद किया गया है. जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹1 करोड़ 50 लाख बताई जा रही है.
यह गिरफ्तारी बारादरी थाना क्षेत्र के पशुपति बिहार के पास उस वक्त की गई, जब तीनों आरोपी बाइक से जा रहे थे. सूचना मिलते ही पुलिस ने प्रतिबंधात्मक घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा. साथ में उनकी तस्करी में प्रयोग की गई बाइक भी जब्त की गई है.
भारत‑नेपाल सीमा पर बड़े गिरोह से जुड़े होने का अंदेशा
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वो ग्राहक से संपर्क के लिए व्हाट्सएप कॉल और कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे. व्ही मोबाइल में ग्राहकों के ग्रुप को जिलों के आरटीओ नंबरों का नाम देकर सेव रखते थे, जिससे किसी पर संदेह न हो. पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह भारत‑नेपाल सीमा के बड़े तस्करी नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है.
तीन और गैंगस्टर की तलाश जारी
पुलिस अभी तीन और गैंगस्टर की तलाश कर रही है, जिन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. उन्होंने आम जनता से अपील भी की है कि अगर किसी को संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो पुलिस को तुरंत सूचना दें.
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
एसपी अंशिका वर्मा ने कार्रवाई की जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ चल रही अभियान जारी रहेगी और ऐसे माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ अभियान की निरंतरता का हिस्सा है और दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा.