
जैसे-जैसे बिहार में वोटिंग का वक्त करीब आ रहा है वैसे-वैसे माहौल अब बदलता जा रहा है. इस बीच वोटिंग से पहले गुरुवार का दिन सूबे की सियासत में ऐतिहासिक बन गया. पटना के होटल मौर्य में हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में आखिरकार महागठबंधन ने वो ऐलान कर दिया, जिसका इंतजार महीनों से था. कांग्रेस, वामदलों और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया. मंच पर कई बड़े चेहरे मौजूद थे. कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने औपचारिक तौर पर ये घोषणा की कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बिहार की बागडोर तेजस्वी के हाथों में होगी. इसी दौरान गहलोत ने ये भी कहा कि महागठबंधन में दो डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे, जिनमें पहला नाम मुकेश सहनी का लगभग तय हो गया है.
अब निक्कमी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे-तेजस्वी
मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित होने के बाद तेजस्वी यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में जमकर हल्ला बोल दिया. आत्मविश्वास से लबरेज तेजस्वी ने कहा- गठबंधन के सभी दलों ने मुझ पर भरोसा जताया है, और मैं उस भरोसे पर खरा उतरूंगा. इस बीस साल की निक्कमी सरकार को हम उखाड़ फेंकेंगे और बिहार को विकास और न्याय का नया चेहरा देंगे. तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है अब बिहार में बहाने, और पुराने चेहरे नहीं चलेंगे.
कांग्रेस ने खत्म किया सस्पेंस, BJP पर निशाना
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि तेजस्वी यादव नौजवान हैं, ऊर्जावान हैं और बिहार के भविष्य की उम्मीद हैं. उन्होंने साफ कहा जिनके पास लंबा फ्यूचर होता है, जनता हमेशा उनके साथ खड़ी होती है. इसी के साथ कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद को लेकर महीनों से चल रहे सस्पेंस पर पूरी तरह से पर्दा डाल दिया. माना जा रहा है की ये ऐलान न सिर्फ विपक्षी एकजुटता का संकेत है बल्कि बीजेपी और एनडीए के लिए सीधी चुनौती भी है. वहीं, बीजेपी की तरफ से अब तक सीएम फेस को लेकर चुप्पी बनी हुई है, जिससे महागठबंधन ने बढ़त हासिल कर ली है.
नीतीश कुमार पर हमला, NDA में खलबली
तेजस्वी ने नीतीश कुमार की सेहत और उनकी पार्टी की स्थिति को लेकर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि JDU आज खुद में उलझी हुई है, उनके नेता चुनाव से पहले ही पार्टी कमजोर कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने एनडीए के सीएम फेस को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह जी कहते हैं कि विधायक दल नेता चुनेगा, यानी बीजेपी खुद भी तय नहीं कर पाई कि बिहार का चेहरा कौन होगा. तेजस्वी के इस बयान के बाद NDA खेमे में हलचल तेज हो गई है.
लालू के 'लाल' का इम्तिहान, क्या ले पाएंगे ‘इंतकाम’?
अब सवाल बड़ा है की क्या लालू प्रसाद यादव के ‘लाल’ वाकई में बिहार की सत्ता पर कब्जा कर पाएंगे. क्या वे 2020 के ‘अधूरे जनादेश’ का बदला BJP से ले पाएंगे. फिलहाल महागठबंधन ने तेजस्वी को ‘सुल्तान’ की तरह पेश कर दिया है. एक तरफ युवा चेहरा है जो रोजगार और शिक्षा की बात कर रहा है, दूसरी तरफ NDA की पुरानी जोड़ी है जो सत्ता बचाने में लगी है. अब मैदान सज चुका है, पोस्टर लग चुके हैं और जनता के फैसले का इंतजार है