गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में 2025 में टेस्ट क्रिकेट टीम इंडिया के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। साल की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार से हुई, जहां सिडनी टेस्ट में भारतीय टीम छह विकेट से मुकाबला हार गई। इसके बाद टेस्ट कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी गई और इंग्लैंड दौरे पर टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया। भारत ने इस सीरीज को दो दो से बराबर किया और बर्मिंघम तथा ओवल में जीत दर्ज कर भरोसा जगाया। हालांकि साल के आखिरी पड़ाव पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भारत को दो शून्य से हार झेलनी पड़ी। खास तौर पर पहला टेस्ट निराशाजनक रहा, जहां आसान लक्ष्य के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी।
वनडे फॉर्मेट में भारत का दबदबा
एकदिवसीय क्रिकेट में 2025 भारत के लिए यादगार साबित हुआ। रोहित शर्मा की कप्तानी और गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर बड़ी सफलता हासिल की। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराया गया और रोहित शर्मा ने निर्णायक भूमिका निभाई। साल की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज से हुई, जिसमें भारत ने तीन शून्य से क्लीन स्वीप किया। चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम ने लगातार जीत दर्ज की। बीच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में हार जरूर मिली, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साल की आखिरी वनडे सीरीज भारत ने तीन एक से जीतकर मजबूत संदेश दिया।
टी20 में आक्रामक भारत की झलक
टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरे साल प्रभावशाली रहा। इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू पांच मैचों की सीरीज में भारत ने चार एक से जीत दर्ज की। इसके बाद एशिया कप में टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और फाइनल सहित पाकिस्तान को तीन बार मात दी। इस खिताबी जीत ने टी20 में भारत की ताकत को और पुख्ता किया। साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की सीरीज भारत ने तीन एक से अपने नाम की। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों के संतुलन ने इस फॉर्मेट में टीम को मजबूती दी।
तीनों फॉर्मेट का कुल रिपोर्ट कार्ड
अगर पूरे साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारतीय टीम ने 2025 में कुल 45 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। इनमें से 31 मैचों में जीत मिली, जबकि 11 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा और कुछ मैच बेनतीजा रहे। वनडे और टी20 में ट्रॉफियों ने गंभीर के पहले साल को सफल बनाया, जबकि टेस्ट क्रिकेट में अभी सुधार की जरूरत साफ दिखी। कुल मिलाकर 2025 ने यह संकेत दिया कि सीमित ओवरों में भारत बेहद मजबूत है, लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में निरंतरता हासिल करना अगली बड़ी चुनौती होगी।