परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होना बेहद कठिन और भावनात्मक रूप से भारी समय होता है, खासकर तब जब वह व्यक्ति घर का मुख्य कमाने वाला हो। ऐसे हालात में परिवार को आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि अगर मृतक किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था और उसकी सैलरी से कर्मचारी भविष्य निधि (PF) कटता था, तो परिवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से आर्थिक मदद मिल सकती है। इसके तहत पीएफ की जमा राशि, पेंशन और बीमा का लाभ भी दिया जाता है, जिसके लिए परिवार या नॉमिनी को कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे जरूरी दस्तावेज
किसी भी तरह का क्लेम करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे अहम दस्तावेज होता है। इसलिए सबसे पहले मृतक का डेथ सर्टिफिकेट बनवाना जरूरी है। यह दस्तावेज पीएफ क्लेम, बीमा और बैंक से जुड़े लगभग सभी वित्तीय कामों में मांगा जाता है। इसके बिना आगे की प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं होता, इसलिए परिवार को सबसे पहले यही काम करना चाहिए।
पीएफ, पेंशन और बीमा से मिल सकती है आर्थिक मदद
अगर कर्मचारी की सैलरी से पीएफ कटता था, तो उसके खाते में जमा पूरी राशि नॉमिनी को दी जाती है। इसके अलावा अगर कर्मचारी ने करीब पांच साल या उससे ज्यादा समय तक नौकरी की है, तो उसके पति या पत्नी को पेंशन का लाभ मिल सकता है। बच्चों को भी एक तय उम्र तक पेंशन मिलने का प्रावधान है। वहीं अगर कर्मचारी की मृत्यु नौकरी के दौरान हुई है, तो कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के तहत परिवार को लगभग सात लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
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ऑनलाइन भी कर सकते हैं डेथ क्लेम
अब ईपीएफओ ने क्लेम की प्रक्रिया काफी आसान कर दी है। अगर मृतक कर्मचारी का UAN आधार से लिंक है और नॉमिनी का नाम पहले से दर्ज है, तो ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है। इसके लिए EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाकर ‘Death Claim Filing by Beneficiary’ विकल्प चुनना होता है। इसके बाद UAN नंबर, नॉमिनी का नाम, जन्मतिथि और आधार से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करना होता है।
अलग-अलग फॉर्म भरने होते हैं
क्लेम प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग लाभ के लिए अलग फॉर्म भरने पड़ते हैं। पीएफ निकालने के लिए Form 20, पेंशन के लिए Form 10D और बीमा क्लेम के लिए Form 5IF भरना होता है। इसके साथ डेथ सर्टिफिकेट, नॉमिनी का कैंसल्ड चेक और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। अंत में आधार आधारित ई-साइन के जरिए फॉर्म सबमिट कर दिया जाता है।
बैंक और लोन से जुड़े काम भी निपटाएं
परिवार को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मृतक के एटीएम कार्ड से पैसे निकालना कानूनी रूप से सही नहीं माना जाता। बेहतर है कि बैंक जाकर नॉमिनी के जरिए खाते की राशि ट्रांसफर करवाई जाए। साथ ही यह भी जांच लें कि मृतक के किसी लोन पर बीमा कवर था या नहीं। अगर लोन पर बीमा है, तो बकाया रकम बीमा कंपनी द्वारा चुकाई जा सकती है, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो सकता है।