चालान आए दिन होते रहते हैं, गाड़ी चाहे टू व्हीलर हो या फिर फोर व्हीलर, अगर आप भी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करेंगे तो चालान हो सकता है. वैसे भी भारत के लोग नियमों की धज्जियां उड़ाने में काफी आगे हैं, ऐसा हम नहीं खुद एक रिपोर्ट बताती है जिसमें खुलासा हुआ है कि भारत में कितने लोगों का रोज चालान होता है और कितने लोग ऐसे हैं जो चाय-पानी का खर्च देकर यानी रिश्वत देकर चालान को बचा लेते हैं.
महज 11 करोड़ लोगों ने जमा किया फाइन
दरअसल CARS 24 के इंटरनल चालान डाटा और सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में 53% लोग ऐसे हैं जो ट्रैफिक चालान से बचने के लिए रिश्वत यानी चाय पानी का खर्च पुलिस को देते हैं. इसके उलट सिर्फ 29% लोग ही ऐसे हैं जो सही तरीके से चालान भरते हैं. गवर्नमेंट वेबसाइट्स और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित CARS 24 के इस सर्वे में 38.5% लोगों ने माना कि उन्होंने चालान से बचने के लिए एक या दो बार पुलिस को रिश्वत दी है. 16% लोगों ने माना है कि वे अक्सर चालान से बचने के लिए पुलिस को रिश्वत देते हैं. इनमें सबसे अलग 29.2% लोग ऐसे हैं कि जो हमेशा सही तरीके से ट्रैफिक चालान का भुगतान करते हैं. सर्वे में पता चला है कि 149 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में सिर्फ 11 करोड़ लोग ही ऐसे हैं जो फोर व्हीलर का इस्तेमाल करते हैं.
करीब 9000 करोड़ का फाइन वसूलना बाकी
सर्वे के मुताबिक साल 2024 में देश में कुल 8 करोड़ चालान जारी किए गए थे. इसका मतलब ये है कि पिछले साल सड़क पर चलने वाले हर दूसरे वाहन पर फाइन लगाया गया. इसमें भी कई लोगों ने चालान का भुगतान नहीं किया है. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों में 55% लोग फोर व्हीलर के मालिक और 45% लोग टू व्हीलर के मालिक होते हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि 40% लोग ऐसे हैं जो ट्रैफिक रूल्स को गंभीरता से बिल्कुल नहीं लेते हैं. चौंकाने वाली बात ये है कि 2024 में जारी किए गए ₹1,000 करोड़ के जुर्माने में से 75% का भुगतान नहीं किया गया. लगभग ₹9,000 करोड़ का चालान भुगतान अभी बाकी है. भारत में वसूला गया जुर्माना कई छोटे देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है.