आपका मोबाइल अगर खो गया हो या चोरी हो गया हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार का ‘संचार साथी’ प्लेटफॉर्म लोगों के खोए हुए या चोरी हुए फोन को ढूंढने में बड़ी मदद कर रहा है. इस डिजिटल सुविधा के जरिए आप अपने डिवाइस को ब्लॉक करवा सकते हैं, उसकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं और फोन मिलने पर वापस भी पा सकते हैं.
अब तक 20 लाख से ज्यादा फोन मिल चुके हैं
दूरसंचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने जानकारी दी है कि ‘संचार साथी’ प्लेटफॉर्म की मदद से अब तक 20.28 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाया जा चुका है. सरकार ने अब तक 33.5 लाख मोबाइल फोन ब्लॉक किए हैं, जिससे धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल को रोका जा सका है.
इतना ही नहीं, इनमें से 4.64 लाख हैंडसेट उनके असली मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं. यह कुल रिपोर्ट हुए मामलों का करीब 22.9% है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
क्या है संचार साथी?
Sanchar Saathi एक सरकारी पोर्टल और मोबाइल ऐप है, जिसे दूरसंचार विभाग (DoT) ने विकसित किया है. इसका मकसद मोबाइल कनेक्शन से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकना और चोरी या खोए हुए फोन को वापस दिलवाना है. इसके जरिए लोग फर्जी कॉल, SMS, ईमेल और नकली मोबाइल कनेक्शनों की भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
संचार साथी से क्या-क्या कर सकते हैं?
संचार साथी पोर्टल https://sancharsaathi.gov.in/ या ऐप के जरिए नागरिक निम्नलिखित सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं:
1. खोए या चोरी हुए मोबाइल की रिपोर्ट करना
फोन चोरी या गुम हो जाने पर IMEI नंबर डालकर रिपोर्ट की जा सकती है. इससे वह फोन ब्लॉक हो जाता है ताकि कोई उसका गलत इस्तेमाल न कर सके.
2. मोबाइल कनेक्शन डिटेल्स की जांच
आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं, इसकी पूरी जानकारी मिलती है. अगर कोई फर्जी सिम कार्ड चलता मिल जाए, तो आप उसे तुरंत बंद करवा सकते हैं.
3. फर्जी कॉल्स की रिपोर्टिंग
अगर किसी संदिग्ध या धोखाधड़ी वाले नंबर से कॉल या मैसेज आता है, तो आप उसकी रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं.
4. मोबाइल फोन असली है या नकली, जांचें
आपके पास जो फोन है, वह असली है या क्लोन, यह जानकारी भी IMEI नंबर डालकर मिल सकती है.
5. इंटरनेट सर्विस से जुड़ी समस्याएं
अगर आपको किसी इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) से जुड़ी कोई शिकायत करनी है, तो उसकी सुविधा भी उपलब्ध है.
क्या है चक्षु पोर्टल?
इसके साथ ही चक्षु पोर्टल नाम की एक और सुविधा दी गई है जो यूजर्स को फर्जी कॉल, अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाली भारतीय जैसी कॉल, धोखाधड़ी वाले SMS और ईमेल की रिपोर्ट दर्ज करने में मदद करती है.
इसका मकसद डिजिटल धोखाधड़ी को रोकना और एक सुरक्षित संचार व्यवस्था तैयार करना है.
खोए हुए फोन की रिपोर्ट के लिए जरूरी चीजें
IMEI नंबर – यह सबसे जरूरी चीज है. बिना IMEI नंबर के आप न तो फोन ब्लॉक करवा सकते हैं और न ही रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. यह नंबर आमतौर पर फोन के बॉक्स या खरीद बिल पर लिखा होता है.
अगर फोन अभी चालू है, तो \*#06# डायल करके भी IMEI नंबर देखा जा सकता है.
कैसे करें शिकायत?
1. वेबसाइट https://sancharsaathi.gov.in/ पर जाएं या ऐप डाउनलोड करें.
2. "Citizen Centric Services" सेक्शन में जाएं.
3. वहां उपलब्ध ऑप्शंस जैसे "Block Lost Mobile", "Check Connections", या "Report Suspicious Call" में से उपयुक्त विकल्प चुनें.
4. मांगी गई जानकारी भरें और सबमिट करें.
संचार साथी और ‘**चक्षु पोर्टल**’ जैसे सरकारी प्रयास आम नागरिकों को मोबाइल से जुड़ी धोखाधड़ी से बचाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. अगर आपका फोन चोरी या गुम हो गया है, तो तुरंत रिपोर्ट करें और मोबाइल को ब्लॉक करवाएं. इससे न सिर्फ आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी, बल्कि मोबाइल वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी. यह एक कदम है डिजिटल भारत की ओर – सुरक्षित, स्मार्ट और सशक्त.