Chana Saag Kaise Ugayen : सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में हरी पत्तेदार सब्जियों की मांग बढ़ने लगती है. इन्हीं में से एक है चने का साग, जिसका स्वाद खाने में लाजवाब होता है. चने की पत्तियों से तैयार साग न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. अगर आपको बागवानी का शौक है, तो आप इसे अपने घर की छत, बालकनी या आंगन में गमले के अंदर आसानी से उगा सकते हैं. अक्टूबर का महीना इसके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, बशर्ते मौसम और तापमान अनुकूल हों.
चने का साग उगाने के लिए कैसी हो मिट्टी
गमले में चने का साग उगाने के लिए ऐसी मिट्टी चुनें, जिसमें पानी जमा न हो. इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या तैयार कंपोस्ट मिलाई जा सकती है. मिट्टी को भुरभुरा बनाने से बीजों को अंकुरित होने और जड़ों को फैलने में मदद मिलती है. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए.
बीज बोने का सही तरीका
चने का साग उगाने के लिए स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले चने के बीज लें. गमले की मिट्टी में लगभग 2 से 3 सेंटीमीटर गहरे छोटे गड्ढे बनाएं और उनमें बीज डालकर हल्की मिट्टी से ढक दें. बीजों के बीच थोड़ी दूरी रखें, ताकि पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. इसके बाद मिट्टी में हल्का पानी डालें.
पौधों को कितनी धूप और पानी चाहिए
गमले को ऐसी जगह रखें, जहां पौधों को रोजाना पर्याप्त धूप मिल सके. मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी डालने से बचें. पानी तभी दें, जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने लगे. अधिक पानी से बीज सड़ सकते हैं और पौधों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है.
खाद कब डालें और साग की कटाई कैसे करें
शुरुआत में मिट्टी में कंपोस्ट मिलाना पर्याप्त हो सकता है. पौधों की वृद्धि धीमी लगे, तो जरूरत के अनुसार थोड़ी तैयार जैविक खाद डाल सकते हैं. बार-बार अधिक खाद डालने से बचें. जब पौधों में पर्याप्त पत्तियां निकल आएं, तो ऊपर की कोमल पत्तियों की हल्की कटाई कर सकते हैं. पौधे के निचले हिस्से को सुरक्षित रखने से नई पत्तियां निकलने में मदद मिल सकती है.
घर पर उगाए चने के साग का उठाएं फायदा
घर में चने का साग उगाने से आपको ताजी पत्तियां मिल सकती हैं और बागवानी का अनुभव भी बेहतर होता है. इसके लिए मिट्टी की सही तैयारी, संतुलित पानी और पर्याप्त रोशनी का ध्यान रखना जरूरी है. चने का साग पौष्टिक भोजन का हिस्सा बन सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या खून की कमी दूर करने का एकमात्र उपाय नहीं मानना चाहिए.