
तीन करोड़ लोगों को नौकरी देने के आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के वादे को लेकर एनडीए सवाल खड़ा कर रहा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार में 2 करोड़ 70 लाख परिवार हैं और अगर औसतन 35-40 हजार रुपये मासिक वेतन की सरकारी नौकरी दी जाए, तो इसके लिए 12 लाख करोड़ रुपये चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि तेजस्वी इतना पैसा कहां से लाएंगे? बिहार का कुल बजट ही 3 लाख करोड़ रुपये है। रविशंकर प्रसाद ने तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि उनका एकमात्र मॉडल "जमीन दो, नौकरी लो" है। भाजपा नेता नितिन नवीन का कहना है कि तेजस्वी का वादा अव्यवहारिक है और वे युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। वहीं प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में कुल 26.50 लाख सरकारी नौकरियां हैं, तो तेजस्वी सवा तीन करोड़ लोगों को नौकरी कैसे देंगे?
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तेजस्वी ने से दिए तर्क
तेजस्वी ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर हर घर को सरकारी नौकरी देने वाला कानून लाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इससे बिहार में रोजगार और आर्थिक सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होगी। तेजस्वी ने कहा कि विपक्षी दल उनकी घोषणाओं की नकल कर रहे हैं और वे अपने वादों को पूरा करने में सक्षम हैं।
जनता के सामने हम इसका ब्लू प्रिंट रखेंगे: तेजस्वी
तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कोई हवाई वादा नहीं है। बल्कि हमारे पास अपने वादे को पूरा करने की योजना है। जल्द ही जनता के सामने हम इसका ब्लू प्रिंट रखेंगे। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं की सूची में 'पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई' सबसे ऊपर हैं। तेजस्वी ने इस बात पर काफी जोर दिया कि उनकी सरकार बनने पर युवाओं के लिए रोजगार सृजन और किसानों के लिए सिंचाई की बेहतर व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाएगा। यह बयान सीधे तौर पर बिहार के सबसे बड़े वोट बैंक युवाओं और किसानों को साधने की रणनीति का भाग है।