उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-58 स्थित “पंडित जी वैष्णो ढाबा” के मालिक और कर्मचारियों को लेकर सामने आई घटना ने सनसनी फैला दी है. शनिवार को एक हिंदू संगठन द्वारा “पहचान अभियान” के नाम पर ढाबे के स्टाफ की धार्मिक पहचान जानने के लिए उनके कपड़े उतरवाने की कोशिश की, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई. आरोप है कि इस दौरान तोड़फोड़ और हंगामा हुआ, जब तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचते, माहौल और बिगड़ गया था. इस मामले में हुए बवाल की अब निंदा हो रही है और प्रशासन द्वारा इसकी जांच शुरू कर दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
मुजफ्फरनगर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर स्थित इस ढाबे में कार्यरत स्टाफ को एक हिंदू संगठन ने “पहचान जांच अभियान” के नाम पर रोका. आरोप है कि ढाबे के एक युवक पर संगठन के सदस्यों ने उसके धर्म की पहचान बताने के लिए उसे कपड़े उतारने को कहा. जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और ढाबा मालिक जो दावा करते हैं कि वो और उनका स्टाफ मुस्लिम हैं, उनके साथ हंगामा शुरू हो गया. बढ़ते हुए तनाव के बीच प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर स्थिति पर काबू पा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है.
शहर में तनाव
यह घटना उस संवेदनशील समय पर घटित हुई है जब कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु सुरक्षा और पहचान को लेकर सतर्क रहते हैं. लेकिन धर्म के नाम पर किसी पर भी पहचान के लक्षण जांचने की ऐसी कोशिश ने समाज में धार्मिक भेदभाव को हवा दी है. स्थिति यह है कि घटना के बाद से शहर में तनाव उत्पन्न हुआ.
मामले की जांच जारी
घटना के मद्देनजर प्रशासन ने कहा है कि इस तरह की धार्मिक गतिविधियों पर ‘पहचान जांच’ अभियान जारी रखना गैरकानूनी है और किसी भी नागरिक को बिना आधार के धार्मिक आधार पर रोका-टोका नहीं जा सकता. पुलिस इस घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर अधिकारियों द्वारा जांच कर रही है और दोनों पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं. हालात फिलहाल शांत हैं, लेकिन सामाजिक सौहार्द और कानूनी प्रक्रिया की सुरक्षा के लिहाज़ से यह मामला बेहद महत्वपूर्ण बन गया है.