मुश्किल वक्त में ममता बनर्जी के साथ आने को तैयार नहीं हैं हुमायूं कबीर- बल्कि वो अब उनके सबसे बड़े विरोधी बन गए हैं। हुमायूं कबीर ने ममता के साथ आने से साफ इनकार कर दिया है। उल्टा उनका कहना है। "अब तक बंगाल के 2.5 करोड़ मुसलमान ममता बनर्जी को वोट देकर किंग-मेकर बनते रहे हैं, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। अब मुसलमान वोटर खुद किंग बनेगा"।
ममता बनाम हुमायूं
भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। ममता ने इसे 'दंगों की राजनीति' बताकर तुरंत TMC से सस्पेंड कर दिया। ममता बोलीं,"धर्म के नाम पर विभाजनकारी राजनीति करने वालों के लिए तृणमूल कांग्रेस में कोई जगह नहीं है"। 22 दिसंबर 2025 को हुमायूं ने 'जनता उन्नयन पार्टी'(JUP) बनाई। AIMIM और ISF से गठबंधन की बात चल रही है। हुमायूं ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भवानीपुर सीट से ममता के खिलाफ गैर-बंगाली मुस्लिम उम्मीदवार पूनम बेगम को उतारेंगे। खुद रेजिनगर और नाओदा से लड़ेंगे।
मुस्लिम वोट बैंक में सेंध
भवानीपुर में 20% मुसलमान वोटर हैं। 2021 में ममता 59,000 से जीती थीं, पर 2024 लोकसभा में लीड सिर्फ 8,200 रह गई। SIR में 40 हजार वोटर के नाम भी कटे हैं।
बाबरी मस्जिद कार्ड
हुमायूं ने बेलडांगा में जुमे की नमाज के बाद हजारों की भीड़ जुटाई। 10 रु की ईंट बेचकर चंदा जुटा रहे हैं। इसे ममता के मुस्लिम वोट बैंक के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है।'
BJP का एजेंट' का आरोप
मुर्शिदाबाद में TMC कार्यकर्ताओं ने हुमायूं को 'भाजपा का एजेंट' कहकर घेरा। हुमायूं का आरोप है कि ममता ने उनके उम्मीदवार खरीद लिए। ममता का रुखममता ने साफ कर दिया कि 'दंगों की राजनीति स्वीकार नहीं'। उन्होंने कहा,"मुर्शिदाबाद के लोग दंगों की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे"।
मुश्किल वक्त में ममता के साथ नहीं
हुमायूं कबीर मुश्किल वक्त में ममता के साथ नहीं,उनके खिलाफ खड़े हैं। TMC से निकाले जाने के बाद वो मुस्लिम वोट बैंक पर दावेदारी कर रहे हैं और ममता को सीधी चुनौती दे रहे हैं। उनका नारा है,'अब मुसलमान किंग-मेकर नहीं, किंग बनेगा'।