पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का राजफाश किया है। छह माह से लापता महिला की हत्या पति ने टैक्सी चालक की मदद से की थी और हत्या के बाद शव को खतौली गंग नहर में फेंक दिया था, क्योंकि महिला पति के दूसरी महिला से संबंधों को विरोध कर रही थी। ससुराल वालों को गुमराह करने के लिए आरोपी ने पत्नी के स्टेशन से गायब होने की जानकारी दी थी। महिला के परिजनों ने किसी अनहोनी का आशंका के चलते परतापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मुंबई से आरोपी पति के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने पति, सास-ससुर और देवर और टैक्सी चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बेटी रीता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया, बिहार के दरभंगा जिले के लवानी गांव थाना बहेडा निवासी गणेश ने 26 मई को परतापुर थाने में बेटी रीता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उनको आशंका थी कि दामाद हरिनंदन ने बेटी की हत्या कर दी है और गुमराह करने के लिए रीता के दरंभगा रेलवे स्टेशन से गायब होने की जानकारी दी थी। रीता की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज करने के बाद परतापुर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला इंद्रापुरम कालोनी निवासी हरिनंदन पुत्र शंभुशरण परतापुर में नौकरी करता था और पत्नी रीता व तीन वर्षीय बेटी आयुषी के साथ रहता था।
बेटी को ननिहाल में छोड़कर गायब हो गया था
छह माह पहले वह अचानक दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और पिता गणेश को फोन कर स्टेशन से पत्नी के लापता होने की जानकारी दी। रीता के लापता होने के बाद आरोपी हरिनंदन अपनी तीन साल की बेटी को ननिहाल में छोड़कर गायब हो गया था। एसपी सिटी ने बताया, यहीं से पुलिस का माथा ठनका और हरिनंदन की तलाश के लिए परतापुर थाना पुलिस के साथ सर्विलांस की टीम को लगाया गया था। दो दिन पहले मुंबई में लोकेशन मिलने के बाद पुलिस उसे पकड़ कर ले आई।
प्रेमिका के चक्कर में पत्नी की हत्या की बनाई थी योजना
एसपी सिटी ने बताया, पूूछताछ के दौरान हरिनंदन ने बताया, उसके रिचा नामक युवती से प्रेम प्रसंग हो गए थे। इसका पता चलने पर पत्नी विरोध कर रही है। पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने दोस्त एवं टैक्सी चालक प्रवेश कुमार निवासी 60 फुटा रोड इंद्रापुरम कालोनी की मदद ली। योजना के मुताबिक 26 मई को वह पत्नी और तीन साल की बेटी को हरिद्वार घुमाने के बहाने से टैक्सी से ले गया था। इसी दौरान उसने चलती कार में पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी और चालक प्रवेश की मदद से शव को खतौली गंग नहर में फेंक दिया था।
पुलिस से बचने के लिए बदल रहा था ठिकाना
एसपी सिटी ने बताया, आरोपी पति पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। वह बार-बार अपने मोबाइल के सिम कार्ड बदल रहा था, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। कार्रवाई की भनक लगते ही उसने प्रेमिका और खुद का मोबाइल व सिम तोड़कर फेंक दिया था। एसपी सिटी ने बताया, पूरे मामले का राजफाश होने पर हरिनंदन, उसके पिता शंभू शरण, मां रामपरी, भाई दीपांशु और टैक्सी चालक प्रवेश को गिरफ्तार कर शनिवार को सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। उधर, रीता के पिता ने बेटी का शव खोजने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी से राहत मिली है, लेकिन बेटी के अंतिम दर्शन न होना सबसे बड़ा दर्द है। रीता की मासूम बेटी बार-बार नाना से पूछ रही थी कि मम्मी कब आएगी। एसपी सिटी ने बताया, गंग नहर में रीता के शव की तलाश के लिए सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है और संबंधित थानों से भी महिला के बारे में जानकारी जा रही है।