दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 36 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में चार आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है,जबकि तीन आरोपियों की फाइल अलग होने के कारण उनका मुकदमा अलग चल रहा है। अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले (सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता) अरुण कुमार जावला ने बताया कि भोपा थाना क्षेत्र के गांव कसौली निवासी मोहम्मद आलम ने बताया कि उसकी बहन गुलिस्ता की शादी वर्ष 2009 में वसीम निवासी भोकरहेडी थाना पुरकाजी के साथ हुई थी। आरोप है कि उसके बहनोई ने अपनी पहली शादी की बात छिपाकर उसकी बहन से दूसरी शादी की थी।
दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा
शादी के बाद बहन को दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। वर्ष 2015 को आरोपियो ने उसकी बहन की फांसी लगाकर हत्या कर दी। इस मामले में पति वसीम, सास जरीना, देवर तसलीम समेत 9 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गयी थी। मामले की सुनवाई र फास्ट ट्रैक कोर्ट (कोर्ट नम्बर 2) की पीठासीन अपर सत्र न्यायाधीश नेहा गर्ग की कोर्ट में हुई।
36 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी कोर्ट नंबर 2) नेहा गर्ग ने इस मामले में मृतका के पति वसीम को 15 साल की सजा व 36 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में सास जरीना, देवर तसलीम, देवरानी शहिस्ता व इरफान को बरी कर दिया है। जबकि दहेज हत्या के मामले में आरोपी बनाई गई तीन ननदों की फाइल अलग कर दी गयी है। उनका मुकदमा पृथक चल रहा है।