उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना ने ऐसा अभ्यास किया जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। इस दौरान फाइटर जेट्स ने हाईवे को ही रनवे बनाकर टेकऑफ और लैंडिंग की। यह अभ्यास सामान्य नहीं था, बल्कि युद्ध या आपात स्थिति में वैकल्पिक रनवे के तौर पर एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल की तैयारी को परखने के लिए किया गया। इससे साफ संकेत गया कि भारत हर परिस्थिति के लिए तैयार है।
पहलगाम बरसी पर खास संदेश
यह पूरा अभ्यास उस दिन हुआ जब पहलगाम हमले की बरसी थी, इसलिए इसका महत्व और बढ़ गया। इस मौके पर वायुसेना ने अपने पराक्रम का प्रदर्शन कर साफ संदेश दिया कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। दुश्मन को यह दिखाया गया कि अगर भारत को चुनौती दी गई तो जवाब पहले से भी ज्यादा सख्त हो सकता है।
तेजस और अन्य विमानों का प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ने खास आकर्षण पैदा किया। तीन तेजस विमानों ने आसमान में शानदार उड़ान भरते हुए टच-एंड-गो लैंडिंग की। इसके अलावा एयरबस सी-295 ने भी एक्सप्रेसवे पर सफल लैंडिंग कर अपनी क्षमता दिखाई। यह दिखाता है कि भारत के पास आधुनिक और मजबूत वायुसेना तैयार है, जो किसी भी हालात में ऑपरेशन कर सकती है।
सुखोई और मिराज की गूंज
इस युद्धाभ्यास में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और जगुआर जैसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान भी शामिल रहे। इनके साथ एएन-32 जैसे ट्रांसपोर्ट विमान ने भी हिस्सा लिया। जब ये विमान आसमान में उड़ान भर रहे थे, तो पूरे इलाके में उनकी गर्जना गूंज रही थी। यह नजारा न सिर्फ रोमांचक था, बल्कि देश की ताकत का प्रतीक भी था।
इसे भी पढ़ें : 15 साल के बल्लेबाज में लारा की झलक, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज का बड़ा बयान, बढ़ी चर्चा
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस अभ्यास को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने भी बड़े स्तर पर तैयारियां की थीं। एक्सप्रेसवे के करीब 12 किलोमीटर हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों और वायुसेना के अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे कार्यक्रम को सावधानी से अंजाम दिया गया। अभ्यास को दो चरणों में पूरा किया गया, जो रात तक चलता रहा।
क्या है इसका महत्व
यह अभ्यास सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। इससे यह साबित होता है कि भारत के पास ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिनसे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकती है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ यह अभ्यास आने वाले समय में देश की सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।