IAS IPS Couple Villa Case : राजस्थान में एक IAS-IPS दंपति की संपत्तियों को लेकर उठा विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। IAS शिखर अग्रवाल के बाद उनकी पत्नी और 1995 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी डॉ. प्रशाखा माथुर को भी APO कर दिया गया है। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। मामला करीब ढाई साल के भीतर उदयपुर और अलवर में खरीदे गए 40 विला-कॉटेज से जुड़ा है। इन संपत्तियों की कुल खरीद कीमत 6 करोड़ 16 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। खास बात यह है कि संपत्तियां खरीदने के बाद इन्हें उसी कंपनी को सालाना किराये पर दे दिया गया, जिससे खरीदा गया था।
ढाई साल में हुई 40 संपत्तियों की खरीद
सामने आई जानकारी के मुताबिक, IAS शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर और परिवार के सदस्यों ने दो अलग-अलग जगहों पर 40 विला-कॉटेज खरीदे थे। इनमें सितंबर 2023 में उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 कॉटेज की खरीद की गई। इसके बाद मार्च 2026 में अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 विला खरीदे गए। इन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से कराई गई थी। कुल मिलाकर इनकी खरीद पर 6.16 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है।
खरीदने वाली कंपनी को ही दी लीज
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा संपत्तियों के लीज समझौते को लेकर हो रही है। परिवार ने जिन संपत्तियों को गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से खरीदा था, उन्हें वापस उसी कंपनी को लीज पर दे दिया। समझौते के अनुसार, उदयपुर के प्रत्येक कॉटेज से सालाना 4 लाख रुपये और अलवर के प्रत्येक विला से सालाना 5 लाख रुपये मिलने तय हुए। इस तरह 20 कॉटेज से 80 लाख रुपये और 20 विला से एक करोड़ रुपये की सालाना आय निर्धारित हुई। यानी सभी 40 संपत्तियों से हर साल कुल 1.80 करोड़ रुपये की लीज राशि मिलने का दावा है।
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संपत्ति के खुलासे पर उठे सवाल
संपत्तियों की रजिस्ट्री IAS शिखर अग्रवाल, IPS प्रशाखा माथुर, उनकी सास मंजुला और ससुर रघुवंश नारायण माथुर के नाम पर हुई थी। दोनों बेटों के नाम पर भी संपत्तियां प्रशाखा माथुर ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए खरीदी थीं। बताया गया है कि दंपति के नाम पर कुल 28 विला-कॉटेज दर्ज हैं। इस मामले में दोनों अधिकारियों की ओर से दाखिल इमूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) भी जांच के दायरे में है। शिखर अग्रवाल ने 7 जनवरी 2026 को दाखिल IPR में 14 संपत्तियों का उल्लेख किया था, जबकि प्रशाखा माथुर ने 8 जनवरी 2026 को अपने IPR में संपत्ति संबंधी जानकारी शून्य बताई थी।
ACB खंगाल रही खरीद और कमाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) संपत्तियों की खरीद और लीज समझौतों की जांच कर रहा है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संपत्तियां खरीदने के लिए धन कहां से आया, उनकी वास्तविक कीमत क्या थी और लीज से होने वाली आय का पूरा विवरण क्या है। फिलहाल IAS शिखर अग्रवाल और IPS प्रशाखा माथुर दोनों को APO किया जा चुका है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।