
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ज़िले के पुवायां तहसील में तैनात एसडीएम (उप ज़िलाधिकारी) रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं. तहसील परिसर में गंदे शौचालयों की शिकायत मिलने पर उन्होंने खुद को जिम्मेदार मानते हुए सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर पांच बार उठक-बैठक लगाईं. ये देखकर वहां मौजूद वकील और अन्य लोग हैरान रह गए.
क्या हुआ तहसील में?
एसडीएम जब अधिवक्ताओं से मिलने तहसील बार पहुंचे, तो अधिवक्ताओं ने कहा कि परिसर में गंदे शौचालयों के कारण लोग मजबूर होकर दीवारों के पास लघुशंका कर रहे हैं. उन्होंने शिकायत की है कि मुंशी से भी जबरन उठक-बैठक करवाई गई. इस पर एसडीएम रिंकू सिंह ने तुरंत कहा, “तहसील में सबसे बड़ा अफसर कौन होता है?” जब लोगों ने कहा "एसडीएम", तो उन्होंने खुद ही उठक-बैठक लगानी शुरू कर दी. इस दौरान एक अधिवक्ता ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने.
कोई शर्म नहीं- एसडीएम रिंकू सिंह
रिंकू सिंह ने कहा, “अगर गंदगी के लिए मैं ज़िम्मेदार हूं तो सज़ा भी मुझे ही मिलनी चाहिए. उठक-बैठक लगाने में मुझे कोई शर्म नहीं.” उन्होंने कहा कि यह कदम उन्होंने इसलिए उठाया ताकि अधिकारियों को भी अपनी ज़िम्मेदारी का अहसास हो.
कौन हैं रिंकू सिंह राही?
बेहद गरीब परिवार से आने वाले रिंकू सिंह ने कठिन संघर्षों से यह मुकाम पाया है. पहले समाज कल्याण अधिकारी थे, जहां 40 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था. इसके बाद 2009 में उन पर जानलेवा हमला हुआ. उन्हें 7 गोलियां मारी गईं और एक आंख की रोशनी चली गई. फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और 2022 में दिव्यांग कोटे से UPSC पास कर IAS बने.
रिश्वतखोरी पर सख्त रुख
रिंकू सिंह राही ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई कर्मचारी रिश्वत मांगे या गलत व्यवहार करे, तो उसका स्टिंग कर वीडियो बनाएं और उन्हें भेजें. वो तत्काल कार्रवाई करेंगे. उन्होंने बताया कि हर गांव में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सीधे संवाद की व्यवस्था की जाएगी.
वकीलों की प्रतिक्रिया
तहसील बार अध्यक्ष सुभाष शुक्ला और अन्य वकीलों ने कहा कि किसी ने भी एसडीएम से उठक-बैठक नहीं करने को कहा था. वह खुद ही यह सज़ा देने सामने आए. सभी वकीलों ने उनकी ईमानदारी और साहस की सराहना की.
रिंकू सिंह राही की कहानी सिर्फ एक अफसर की नहीं, बल्कि एक ईमानदार और निडर नागरिक की है, जो अपनी ज़िम्मेदारी से भागने के बजाय उसे स्वीकार करता है. उनकी सादगी और जवाबदेही आज के प्रशासनिक तंत्र में एक मिसाल है.