मध्यप्रदेश सरकार ने विवादित बयानों और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते IAS संतोष वर्मा के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। वर्मा को पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने उनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। सोशल मीडिया पर वायरल विवादित वीडियो और समुदायों में बढ़ते आक्रोश के बीच सरकार ने यह कदम मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया।
विवादित बयान बना बड़ी कार्रवाई का कारण
AJAKS के एक कार्यक्रम में IAS संतोष वर्मा द्वारा दिए गए विवादित बयान ने व्यापक विरोध को जन्म दिया। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही कई समुदायों में असंतोष बढ़ गया। वर्मा के कथनों को सामाजिक सौहार्द और प्रशासनिक नैतिकता के विरुद्ध माना गया, जिसके बाद उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग तेज हो गई।
ब्राह्मण संगठनों का विरोध, प्रदर्शन की चेतावनी
वर्मा के बयान के बाद प्रदेश भर के ब्राह्मण संगठनों में तीखा विरोध देखने को मिला। 65 से अधिक संगठन सड़क पर उतर आए और सरकार पर कड़ा दबाव बनाया। संगठनों ने आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया जाएगा।
हाईकोर्ट पर टिप्पणी से और बढ़ा विवाद
विवाद थमने से पहले ही वर्मा का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसटी वर्ग के युवाओं को सिविल जज बनने से रोका जा रहा है। इस बयान को न्यायपालिका पर अनावश्यक टिप्पणी माना गया और इसके बाद विरोध और तीखा हो गया।
जालसाजी और लंबित मामलों ने बढ़ाई परेशानी
सरकार की तरफ से जारी जानकारी में कहा गया कि वर्मा पर प्रमोशन ऑर्डर में जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट लेने के आरोप पहले से ही जांच के दायरे में हैं। उनके खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक मामले भी लंबित हैं, जिनके चलते विभागीय जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
केंद्र को भेजा बर्खास्तगी का प्रस्ताव
राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं की गरिमा और अनुशासन को देखते हुए वर्मा को बर्खास्त करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेज चुकी है। चूंकि IAS अधिकारियों को बर्खास्त करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है, इसलिए अंतिम निर्णय वहीं से होगा। फिलहाल वर्मा को उनके वर्तमान पद से हटा दिया गया है और विभागीय निर्देश स्पष्ट हैं कि आगे और कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।