ICC Action Prabath Jayasuriya : भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में खिलाड़ियों के बीच तनाव लगातार देखने को मिल रहा है। यशस्वी जायसवाल और असिता फर्नांडो पर कार्रवाई के बाद अब श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या भी ICC के निशाने पर आ गए हैं। मैच के दूसरे दिन आउट होने के बाद उनके व्यवहार को आचार संहिता का उल्लंघन माना गया, जिसके चलते ICC ने उन पर कार्रवाई की है।
आउट होने के बाद दिखाया था गुस्सा
श्रीलंका की पहली पारी के दौरान प्रभात जयसूर्या नाइटवॉचमैन के तौर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। दिन का खेल खत्म होने से पहले उनका विकेट गिर गया। मानव सुथार की गेंद पर अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दिया, जिसके बाद जयसूर्या ने डीआरएस लिया। हालांकि थर्ड अंपायर ने भी फैसला बरकरार रखा और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा।
विज्ञापन बोर्ड पर मारा बल्ला
फैसले से नाराज जयसूर्या ने मैदान छोड़ते समय अपना गुस्सा जाहिर किया। पवेलियन लौटते हुए उन्होंने बल्ले से बाउंड्री के पास लगे विज्ञापन बोर्ड पर वार कर दिया। यही हरकत उनके लिए भारी पड़ गई। ICC ने इसे खेल भावना के खिलाफ माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की।
ICC ने सुनाई ये सजा
ICC ने प्रभात जयसूर्या को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का दोषी पाया। यह नियम मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण, मैदान की सामग्री या अन्य संसाधनों के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। इसके तहत उनके खाते में एक डिमेरिट अंक जोड़ा गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध माना गया है।
सुनवाई की नहीं पड़ी जरूरत
ICC के अनुसार जयसूर्या ने अपना दोष स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा दी गई सजा को भी मान लिया। इसी वजह से किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। मैदान के अंपायरों और मैच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर मामला तुरंत निपटा दिया गया।
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पहले भी दो खिलाड़ियों पर हुई कार्रवाई
इस टेस्ट मैच में अनुशासनात्मक कार्रवाई का यह तीसरा मामला है। इससे पहले भारत के यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो भी ICC की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। दोनों खिलाड़ियों पर मैदान पर हुई तीखी नोकझोंक के बाद मैच फीस का जुर्माना लगाया गया था। अब प्रभात जयसूर्या का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है, जिससे साफ है कि कोलंबो टेस्ट में सिर्फ बल्ले और गेंद की नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के बीच मानसिक मुकाबला भी देखने को मिल रहा है।