.jpeg%3Falt%3Dmedia%26token%3De13e898e-bb4e-4285-87e7-b545afc12e75&w=3840&q=75)
एशिया कप 2025 अपने आखिरी पड़ाव पर है। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें सुपर-4 में भिड़ रही हैं। इस बीच पाकिस्तान टीम विवादों से घिरी रही हैलेकिन आईसीसी ने जिस बोर्ड पर गाज गिराई है, वह पाकिस्तान नहीं बल्कि यूएसए क्रिकेट बोर्ड है।
ICC ने USA क्रिकेट बोर्ड को किया निलंबित
23 सितंबर को हुई आईसीसी की वर्चुअल बोर्ड मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि यूएसए क्रिकेट बोर्ड की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी जाए। हालांकि इस सस्पेंशन का असर टीम पर नहीं पड़ेगा और यूएसए की क्रिकेट टीम आने वाले टूर्नामेंट्स, खासकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा ले सकेगी।
T20 वर्ल्ड कप में यूएसए का धमाकेदार प्रदर्शन
टी20 वर्ल्ड कप 2024 में यूएसए टीम ने सभी को चौंकाते हुए पाकिस्तान को सुपर ओवर में 5 रनों से हराया था। यह जीत ऐतिहासिक रही थी क्योंकि अनुभवहीन मानी जाने वाली यूएसए टीम ने क्रिकेट की दिग्गज टीम पाकिस्तान को मात दी थी। इस वजह से यूएसए क्रिकेट को लेकर उम्मीदें भी बढ़ गईं थीं।
आखिर क्यों लिया गया यह एक्शन?
रिपोर्ट्स की मानें तो आईसीसी सदस्य के रूप में बार-बार दायित्वों का उल्लंघन करने पर यह फैसला लिया गया है। आईसीसी को लंबे समय से यूएसए क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। जिसको लेकर पिछले साल श्रीलंका में हुई वार्षिक कॉन्फ्रेंस में पहली बार बोर्ड को नोटिस भी जारी किया गया था।
सुधार के लिए मिला था समय
बता दें कि आईसीसी ने यूएसए बोर्ड को ढांचा सुधारने के लिए समय भी दिया था। इस साल सिंगापुर में हुई बैठक में बोर्ड को तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया था लेकिन सुधार न होने पर अब आईसीसी ने कड़ा कदम उठाया है। हालांकि इस फैसले का असर 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट पर नहीं पड़ेगा।
बोर्ड चेयरमैन का बयान
यूएसए क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन वेणु पिसिके का कहना है कि उन्हें इस सस्पेंशन को लेकर अभी तक आईसीसी से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी माना कि आईसीसी और अमेरिकी ओलंपिक कमेटी, दोनों ही बोर्ड में बदलाव चाहते थे, लेकिन सुधारकीदिशामेंठोसकदमनहींउठाएजासके।
अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खेलती रहेगी USA टीम
आईसीसी के इस फैसले के बावजूद यूएसए क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में खेलती रहेगी। खासकर 2028 ओलंपिक की बात करें तो यहां पर मेजबान होने के कारण उनकी भागीदारी तय है। फिलहाल ये देखना होगा कि बोर्ड अपने ढांचे में सुधार कर विश्वास दोबारा जीत पाता है या नहीं।