राजधानी भोपाल में आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की गई नमाज के बाद जो दुआ मांगी गई, उसमें सिर्फ हालात नहीं, मुल्क की रूह भी शामिल रही। ईदगाह में शहरकाजी मुश्ताक अली नदवी और ताजुल
मसाजिद में मौलाना हस्सान साहब की इमामत में अदा की गई नमाज के बाद देश की सलामती, फिलिस्तीनी भाइयों की हिफाजत और इस मुल्क को सूफियों, ऋषि-मुनियों और बुजुर्गों की मोहब्बत वाली राह पर चलाने की तौफीक मांगी गई....
दुआ में उठे ये जज़्बाती अल्फाज़:
उलेमा-ए-इकराम, सूफियों, ऋषियों और बुजुर्गों की तरह मोहब्बत और प्रेम से जीने की खता (तौफीक) फरमा।
मुल्क में अमन, इंसाफ और भाईचारा कायम रहे।
बीमारों को शिफा, परेशान हाल लोगों को राहत और समाज को सहनशीलता मिले।
फिलिस्तीनी मासूमों की भूख-प्यास और जुल्म से निजात की दुआ, और उनके जालिम दुश्मनों के नाश की इल्तिजा।
मजलूमों को सब्र और पूरी दुनिया में इंसानियत को फतह हासिल हो।
प्रमुख मस्जिदों में अदा की गई नमाज:
ईदगाह – 6:30 बजे, शहरकाजी मुश्ताक अली नदवी ने नमाज पढ़ाई
ताजुल मसाजिद – 6:45 बजे, मौलाना हस्सान साहब की इमामत
जामा मस्जिद – 7:00 बजे
मोती मस्जिद – 7:15 बजे
मस्जिद बिल्किस जहां (आरिफ नगर) – 7:30 बजे
कुर्बानी के दिशा-निर्देश:
कुर्बानी सिर्फ तय स्थानों पर ही करें, पूरी तरह ढककर और साफ-सफाई के साथ।
प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचें।
सोशल मीडिया पर कुर्बानी के वीडियो या फोटो साझा न करें।
अवशेष नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही डालें।
नमाज मस्जिद परिसर या ईदगाह में ही पढ़ें, सड़कों पर नहीं।