
इजरायली शोधकर्ताओं ने सोमवार को कहा कि होलोकॉस्ट में मारे गए 60 लाख से अधिक यहूदियों में से 50 लाख की पहचान सामने आई है। इसके साथ ही उम्मीद जताई गई है कि बाकी की पहचान संभव है कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सहायता से संभव हो सकेगा।
50 लाख यहूदियों के नाम ढूंढ निकाले
इजरायल के वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस सेंटर, याद वाशेम ने सोमवार को इस बात की सूचना दी। ऐसा बताया जा रहा है कि उसने होलोकॉस्ट में मारे गए 50 लाख यहूदियों के नामों को पहचान लिया है। इसे बड़ी उपलब्धि की तरह देखा जा रहा है। सेंटर के अनुसार, नाजियों की ज्यादती और नरसंहार का शिकार यहूदियों की पहचान दिलाना आसान नहीं था। उनके दशकों पुराने मिशन आज कामयाबी मिली है।
पीड़ितों की संख्या कम होती
याद वाशेम का कहना है कि यह घोषणा ऐसे वक्त पर हुई है, जब गवाही देने वाले नरसंहार के जीवित पीड़ितों की संख्या कम हो रही है। इस साल की शुरुआत में क्लेम्स कॉन्फ्रेंस ने आंकड़े जारी किए, बताया कि आज जीवित लगभग 2 लाख पीड़ितों में से करीब आधे आने वाले सात बरस में नहीं रहने वाले हैं। याद वाशेम का कहना है कि बाकी बचे 10 लाख यहूदियों के नाम शायद कभी पता न नहीं चल पाएंगे, हालांकि एआई और मशीन लर्निंग जैसी नई टेक्नोलॉजी से ढाई लाख और लोगों के नाम का पता लग सकता है।
पचास लाख नामों तक पहुंचना
याद वाशेम के चेयरमैन डैनी डायन ने कहा, पचास लाख नामों तक पहुंचना एक मील का पत्थर है। ये हमारी अधूरी जिम्मेदारी की याद भी दिलाता है। हर नाम के पीछे एक ऐसी जिंदगी है जो मायने रखती थी-एक बच्चा जो कभी बड़ा नहीं हो सका। एक माता-पिता जो कभी घर नहीं लौट पाए। एक आवाज जिसे हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हर पीड़ित को याद रखा जाए। कोई भी गुमनामी के अंधेरे में पीछे न छूट जाए।