इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में कई जगहों पर हमला किया और वहां के सात गांवों के लोगों को घर खाली करने की चेतावनी दी।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने ऐसे सैन्य ठिकानों और लॉन्चरों को निशाना बनाया जो आतंकी संगठन हिजबुल्लाह की ओर से हमलों की तैयारी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
मजबूरन सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही
इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने मेफदोन, शुकिन, याहमार, अरनौन, जोतेर शर्किया, जोतेर गर्बिया और काफ्र तिबनित गांवों के लोगों को तुरंत वहां से निकलने को कहा। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह की ओर से युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने के कारण सेना को मजबूरन सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घर छोड़ दें और बताए गए इलाके से कम से कम 1000 मीटर दूर रहें। आईडीएफ ने साफ किया कि जिन इमारतों पर हमला किया गया, उनका इस्तेमाल हिजबुल्लाह इजरायल और उसकी सेना के खिलाफ हमलों की योजना बनाने के लिए कर रहा था।
युद्धविराम का उल्लंघन बताया
रविवार की रात को हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में मौजूद आईडीएफ बलों की ओर दो विस्फोटक ड्रोन भेजे, लेकिन दोनों खुले इलाके में गिर गए और किसी को नुकसान नहीं हुआ। आईडीएफ ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
सब सरकार के निर्देशों के अनुसार
आईडीएफ ने कहा, “हम इजरायल के नागरिकों और अपनी सेना की सुरक्षा के लिए हर खतरे के खिलाफ मजबूती से कार्रवाई करते रहेंगे। यह सब सरकार के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।” शनिवार को भी आईडीएफ ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में उनकी 146वीं डिवीजन को हिजबुल्लाह का एंटी-टैंक मिसाइलों का जखीरा मिला। इसके अलावा, सेना ने हिजबुल्लाह की रदवान फोर्स यूनिट से जुड़ी इमारतों और एक गोदाम पर भी हमला किया, जहां हथियार और सैन्य सामान रखा गया था।
एक संदिग्ध हवाई लक्ष्य को मार गिराय
इजरायल की वायुसेना ने लेबनान की तरफ से आए एक संदिग्ध हवाई लक्ष्य को मार गिराया, जिसके बाद देश के उत्तरी इलाकों में अलर्ट जारी किया गया था। आईडीएफ ने यह भी बताया कि उन्होंने दिर अल-जहरानी, कफर रेमान और अल-सामिया इलाकों में हिजबुल्लाह के लॉन्चरों को निशाना बनाया, जो दक्षिणी लेबनान में अग्रिम रक्षा रेखा के उत्तर में स्थित हैं।