इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने गाजा पट्टी में तीन लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है। आईडीएफ ने कहा कि तीनों लड़ाके इजराइली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ हमले की योजना बना रहे थे।
तीन लड़कों को मार गिराया
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''गाजा पट्टी में हमारी सेना के खिलाफ हमले की योजना बना रहे तीन लड़कों को मार गिराया है। आईडीएफ ने शनिवार को गाजा सिटी इलाके में एक कार्रवाई की, जिसमें 'आर्मी ऑफ इस्लाम' संगठन के अला इमाद खामिस तरामसी और पीआईजे संगठन के हसन इब्राहिम शहादा कहमान को मार गिराया गया।
अहमद हदारी को भी मार गिराया
आईडीएफ ने बताया कि पिछले सप्ताह उत्तरी गाजा में की गई एक अन्य कार्रवाई में हमास के जबालिया बटालियन से जुड़े लड़ाके अहमद हदारी को भी मार गिराया गया। आईडीएफ ने कहा कि इन तीनों पर आईडीएफ सैनिकों और इजराइली नागरिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने का आरोप था। खतरे को खत्म करने के लिए इन्हें निशाना बनाया गया।
ऐतिहासिक समझौता हुआ
आईडीएफ ने कहा कि दक्षिणी कमान (सदर्न कमांड) के तहत आईडीएफ की सेनाएं समझौते के अनुसार इलाके में तैनात हैं और किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेंगी। इससे पहले बीते गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि हमास के पूर्ण निशस्त्रीकरण (हथियार सरेंडर) और गाजा पट्टी से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ है।
शर्तें पूरी करने की बात कही
ट्रंप के मुताबिक, सभी पक्षों की औपचारिक मंजूरी मिलने के 14 दिनों के भीतर इस समझौते को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। हमास ने भी इस समझौते पर सहमति जताई है। हालांकि, उसने इसके लिए इजरायल से कुछ शर्तें पूरी करने की बात कही है। समझौते के तहत हमास एक चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत अपने सभी हथियार एक अंतरराष्ट्रीय स्टेबिलाइजेशन फोर्स को सौंपेगा। करीब 5,000 सदस्यीय इस बल की निगरानी एक अमेरिकी जनरल करेंगे।