Air Purifier Tips: सर्दियों के सीजन में दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में प्रदूषण, धुंध और स्मॉग की समस्या काफी बढ़ जाती है। जिसके चलते इंसान का सांस लेना काफी दूभर हो जाता है और श्वास संबंधी कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। इस दौरान दिल्ली जैसे शहरों में AQI का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में एयर प्यूरीफायर की डिमांड काफी बढ़ जाती है।
प्यूरीफायर खरीदते समय कुछ बातों का रखें ध्यान
शहरों में बढ़ते प्रदूषण के कारण एयर प्यूरीफायर लेना अब सिर्फ फैशन नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। लेकिन एयर प्यूरीफायर को खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर आप बिना सही जानकारी के एयर प्यूरीफायर खरीदते हैं तो वह न तो पूरी तरह प्रभावी होता है और न ही पैसे की सही कीमत वसूल कर पाता है।
CADR देखना बेहद जरूरी
एयर प्यूरीफायर खरीदते समय इसकी क्षमता यानी CADR (Clean Air Delivery Rate) देखना बेहद जरूरी है। यह बताता है कि मशीन कितनी जल्दी कमरे की हवा को शुद्ध कर सकती है। छोटे और बड़े कमरे के हिसाब से अलग CADR वाली मशीनें चाहिए, ताकि हवा पूरी तरह से साफ हो।
HEPA फिल्टर वाला प्यूरीफायर खरीदें
सर्दियों में PM2.5 और PM10 जैसे बारीक कण वातारण में काफी मात्रा में होते हैं। इस कारण HEPA फिल्टर वाला प्यूरीफायर खरीदें। एयर प्यूरीफायर के फिल्टर की क्वालिटी जितनी अच्छी होती है, हवा उतनी ही साफ मिलती है। HEPA फिल्टर, एक्टिव कार्बन और UV लाइट जैसी तकनीकें धूल, स्मॉग, एलर्जी पैदा करने वाले पार्टिकल्स और बैक्टीरिया को हटाने में मदद करती हैं।
कवरेज एरिया जरूर करें चेक
एयर प्यूरीफायर खरीदते समय दुकानदार से प्यूरीफायर के कवरेज एरिया के बारे में जरूर पता करें। बता दें, हर एयर प्यूरीफायर का एक तय क्षेत्र तक कवरेज रहता है। अगर आप कमरा बड़ा है और आपने छोटा प्यूरीफायर ले लिया है, तो घर के अंदर सही से प्यूरीफाई नहीं कर पाएगा।