Health Alert: अच्छी स्वास्थ्य के लिए खान-पान और दिनचर्या को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। आपकी सेहत रोजमर्रा की दिनचर्या से प्रभावित हो सकती हैं। इन सबका अच्छे से ख्याल रखना अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। कई शोध और रिसर्च बताते हैं कि डाइट और लाइफस्टाइल को ठीक ठाक रखने मात्र से ही रोजाना रात में अच्छी नींद आती है। वयस्क लोगों को हर रात कम से कम 7-9 घंटे की अच्छी नींद लेने की सलाह दी जाती है। ये शारीरिक और मानसिक दोनों और शरीर भारी लगता है। तो कुछ स्थितियों में ये गंभीर बीमारियों संकेत हो सकता है, जिसका इलाज जरूरी है।नींद न आने के कारण क्या कारण है-
हार्मोन का असंतुलन-
हार्मोन्स शरीर की क्रिया का संचालन करते हैं अगर इनमें असंतुलन हो जाए तो न सिर्फ आप थकान-आलस का शिकार हो जाते हैं, बल्कि कुछ स्थितियों में ये गंभीर समस्याओं का भी कारण हो सकती है। आमतौर पर ये दिक्कत स्ट्रेस हार्मोन में असंतुलन के कारण होती है। स्ट्रेस हार्मोन का कम या ज्यादा होना शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। इसका असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है जिससे शरीर के लिए दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। अगर आप दिन में थके रहते हैं तो यह संकेत है कि आपके शरीर का कोर्टिसोल स्तर बिगड़ा हुआ है।
इलेक्ट्रोलाइट की कमी- हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट जैसे मैग्नीशियम, सोडियम और पोटैशियम की विशेष भूमिका होती है। ये सभी मिनरल्स शरीर को गहरी नींद देने और रिकवरी के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इनकी कमी से हमारी नींद में अड़चन आती है। जिसके कारण आपको अक्सर थकान की समस्या और दिनभर आलस रह सकता है।
ब्लू लाइट-
मोबाइल/लैपटॉप की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन के कार्यों को बाधित करती है, जिससे नींद की प्राकृतिक लय बिगड़ जाती है। जो लोग रात में अधिक मोबाइल का इस्तेमाल करते रहते हैं उनमें इस तरह की समस्या को अक्सर देखा जाता है।
अच्छी नींद लेने के लिए क्या करें -
कैफीन या तीव्र शराब से बचें- देर शाम कैफीनयुक्त पेय और शराब पीने से बचें, क्योंकि ये नींद में खलल डाल सकते हैं।
नियमित व्यायाम करें- नियमित शारीरिक गतिविधि नींद की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है। आपके मूड को बेहतर बनाता है और नींद की गुणवत्ता और अवधि को बढ़ाता है। स्वस्थ आहार: स्वस्थ एवं संतुलित आहार लेना सुनिश्चित करें।
तनाव कम करें- ध्यान या गहरी साँस लेने के व्यायाम जैसी गतिविधियों के माध्यम से अपने तनाव के स्तर को कम करने का प्रयास करें।
वातावरण- सुनिश्चित करें कि आपका शयनकक्ष ठंडा, अंधेरा, शांत और ध्यान भटकाने वाली चीजों से मुक्त हो।