मध्य प्रदेश का जिला बुरहानपुर में इच्छादेवी मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, मां के दर्शन मात्र से होती है, सभी मनोकामना पूरी । घुटनों के बल श्रद्धालु सीढ़ियां चढ़कर करते हैं मां के दर्शन ।
चैत्र नवरात्रों के दिन चल रहे हैं, ऐसे में लोगो की माता रानी के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।बुरहानपुर जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर इच्छापुर गांव है। इस गांव में मां इच्छादेवी का मंदिर है, जो सतपुड़ा की पहाड़ी पर स्थित है, मां इच्छादेवी का मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। इस मंदिर में रोजाना सुबह से शाम तक हजारों की संख्या में भक्तगण माता के दर्शन करने आते हैं। माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है । यहां सिर्फ बुरहानपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश सहित महाराष्ट्र, गुजरात से भक्त यहां मां के दर्शनों तक पहुंचते हैं, और मातारानी से अपनी इच्छाओं के पूरा करने का वर मांगते हैं।
माता का इच्छापूर्ती मंदिर450 साल पुराना है....
इस मंदिर में मां इच्छा देवी की स्वयंभू मूर्ति है, यानी खुद से जमीन से निकली हुई। मां के मंदिर तक पहुंचने के लिए 170 से ज्यादा सीढ़ियां बनाई गई हैं। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु घुटनों के बल सीढ़ियां चढ़कर माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। यहां पर चैत्र नवरात्रि में नीम का बहुत महत्व है, माना जाता है, नीम के पत्तो से माता रानी को ठंडक मिलती है। भक्त यहां नीम के पत्तों की साड़ी पहनकर मन्नत मांगने जाते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से मां इच्छादेवी भक्तों की हर मनोकामना को पूरी करती हैं, यह मंदिर करीब 450 साल पुराना है, इस मंदिर के गर्भगृह में सिक्का चिपकाने से भी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं, देवी के दर्शन मात्र से ही कष्ट दूर होते है। जिला प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, शुद्ध जल व पार्किंग स्थल बनाए हैं। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस मुस्तैद रहती हैं। पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। यहां भंडारे का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। नवरात्रि के अवसर पर इस पावन धाम में भक्ति और श्रद्धा की अनूठी छटा देखने को मिल रही है।