.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3Df6234b7d-2f78-4a5f-b0bc-931a452ed46a&w=3840&q=75)
Government teacher And Private Teacher: अगर आप शिक्षा की क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और आप एक शिक्षक बनना चाहते हैं, तो आपके पास दो विकल्प है आप या तो सरकारी टीचर बन सकते हैं या तो प्राइवेट टीचर बन सकते हैं। भारत में सरकारी शिक्षक बनने के लिए अलग-अलग परीक्षाएं और योग्यताएं तय की गई हैं, तो वहीं प्राइवेट में टीचर के लिए भर्ती इंटरव्यू, डेमो क्लास और योग्यता के आधार पर होती है। आइए इस लेख के माध्यम से विस्तार से जानते हैं कि सरकारी शिक्षक बनने के लिए कौन-कौन सी परिक्षाएं हैं और प्राइवेट टीचर के लिए कौन सी योग्यता जरूरी है।
इन परीक्षाओं को करना होता है पास
आपको बता दें कि सरकारी शिक्षक बनने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की तरफ से अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करवाई जाती हैं। सरकारी स्कूलों में भर्ती के लिए CTET, TET, KVS, NVS जैसी परीक्षाएं पास करनी होती हैं। बता दें कि केंद्र सरकार केंद्रीय विद्यालय, नवोदिय विद्यालय और आर्मी पब्लिक स्कूल में भर्ती के लिए सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) आयोजित करवाती है। इस परीक्षा का आयोजन साल में दो बार किया जाता है। यह परीक्षा कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए होती है। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन परीक्षा भी आयोजित होती है, जिसके तहत PRT, TGT और PGT पदों पर भर्ती की जाती है।
राज्य सरकार की जरूरी परीक्षाएं
वहीं, राज्य सरकार की बात करें, तो राज्य सरकार शिक्षक भर्ती के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) आयोजित करवाता है। बता दें कि हर राज्य का अपना टीईटी होता है, जैसे उत्तर प्रदेश में UPTET, बिहार में BTET, मध्य प्रदेश में MPTET परीक्षा होती है। इसके अलावा UPPSC, BPSC, HPSC की ओर से आयोजित परीक्षाओं के जरिए भी शिक्षक भर्ती होती है।
प्राइवेट में किस आधार पर बनते हैं टीचर
वहीं, अगर बात करें प्राइवेट स्कूलों की तो, अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए D.El.Ed, CTET/STET पास होना जरूरी माना जाता है। हालांकि यह स्कूलों के मैनेजमेंट पर निर्भर करता है। किसी-किसी स्कूलों में इंटरव्यू और योग्यता के आधार पर शिक्षकों का चयन कर लिया जाता है।