Indian Navy on High Alert: Strait of Hormuz में हालिया तनाव के बाद भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। भारतीय नेवी ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय व्यापारिक जहाजों के लिए कड़ी एडवाइजरी जारी की है। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया, जब 18 अप्रैल 2026 को Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नौसेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने सात युद्धपोत तैनात कर दिए हैं।
फायरिंग की घटना और तत्काल प्रतिक्रिया
18 अप्रैल को ‘जग अर्णव’ और ‘सन्मार हेराल्ड’ नामक भारतीय जहाज जब होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी ईरानी गार्ड्स ने उन पर गोलीबारी की। खतरे को भांपते हुए दोनों जहाजों को वापस लौटना पड़ा। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के समक्ष विरोध दर्ज कराया। इसके बाद ‘देश गरिमा’ नाम का एक अन्य जहाज सुरक्षित रूप से मार्ग पार करने में सफल रहा, जिसे भारतीय युद्धपोत की सुरक्षा में अरब सागर तक पहुंचाया गया।
सख्त निर्देश
भारतीय नौसेना ने सभी जहाजों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे Larak Island के पास न जाएं। जहाजों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रुकें और केवल नौसेना की अनुमति मिलने के बाद ही आगे बढ़ें। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते जोखिम को देखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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तैनाती और निगरानी
भारत ने अपनी समुद्री ताकत बढ़ाते हुए INS Visakhapatnam सहित सात युद्धपोतों को अरब सागर और फारस की खाड़ी के मुहाने पर तैनात किया है। ये सभी जहाज पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और आने-जाने वाले जहाजों पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही, ईरानी सैन्य गतिविधियों की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
मौजूदा स्थिति
फिलहाल फारस की खाड़ी में 14 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जो सुरक्षित मार्ग की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नौसेना इन जहाजों के कप्तानों से लगातार संपर्क में है। तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद अब तक 11 जहाज सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। भारत के सख्त रुख के बाद स्थिति में कुछ स्थिरता आई है और फिलहाल ईरान की ओर से कोई नई आक्रामक कार्रवाई सामने नहीं आई है।