illegal colony : ग्रेटर नोएडा, 28 जून 2025: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के अधिसूचित क्षेत्र (Notified Area) में बने अवैध मकानों और अन्य पक्के निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन ने ऐसे सभी निर्माणों के लिए डिमोलिशन ऑर्डर जारी कर दिए हैं, और इन पर बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
क्या है पूरा मामला?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए तीसरे और चौथे चरण में कई गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। इस अधिग्रहित होने वाली जमीन और एयरपोर्ट के आसपास के अधिसूचित क्षेत्र में कुछ भू-माफिया और व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से प्लॉटिंग और पक्के निर्माण किए जा रहे थे। इन निर्माणों का मुख्य उद्देश्य अधिग्रहण के बाद अधिक मुआवजा प्राप्त करना था, या अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करना था। प्रशासन और यमुना प्राधिकरण ने ऐसे निर्माणों पर लगातार नज़र रखी हुई थी। लोगों को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नया निर्माण प्रतिबंधित है। हालांकि, चेतावनी के बावजूद अवैध निर्माण कार्य जारी रहा, जिससे एयरपोर्ट परियोजना के सुचारु विस्तार में बाधा आ रही थी
कार्रवाई का उद्देश्य और आगे की योजना
जिला प्रशासन और यमुना प्राधिकरण ने अब इस समस्या से निपटने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में, चार गांवों में 50 से अधिक पक्के निर्माणों को चिह्नित किया गया था, जिनके मालिकों को डिमोलिशन ऑर्डर जारी किए गए। पुलिस की मदद से इन अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जा रहा है।
यह कार्रवाई निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करती है:
• परियोजना का सुचारु विकास: अवैध निर्माणों को हटाना एयरपोर्ट परियोजना के चरणों को समय पर पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
• भू-माफियाओं पर अंकुश: यह कार्रवाई उन भू-माफियाओं पर शिकंजा कसेगी जो किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर रहे थे।
• नियमों का पालन: यह सुनिश्चित करना कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न हो और नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
• अतिरिक्त मुआवजे पर रोक: उन लोगों को रोकना जो मुआवजे के लालच में निम्न गुणवत्ता के निर्माण कर रहे थे, ताकि बाद में अधिक मुआवजा मांग सकें।
प्रशासन ने दोबारा अवैध निर्माण के लिए किया अलर्ट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमों का गठन किया गया है और निर्माण सामग्री की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यह अभियान जेवर एयरपोर्ट परियोजना की सुरक्षा और व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के लिए जारी रहेगा।