अवैध कॉम्प्लेक्सों से जुड़ी जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। करीब पंद्रह मिनट बहस चली, जिसके बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया। याचिकाकर्ता की मानें तो इस फैसले पर काफी लोगों की निगाह थी, क्योंकि शहर में खड़े अन्य 70 से ज्यादा अवैध कॉम्प्लेक्सों पर कार्रवाई की उम्मीद टिकी है। देर शाम आदेश जारी हुआ। फिलहाल कोर्ट ने कोई डिसीजन ना देते हुए 17 दिसंबर की तारीख लगा दी है।
मनोज चौधरी आरटीआई कार्यकर्ता
मिशन कम्पाउंड निवासी मनोज चौधरी आरटीआई कार्यकर्ता हैं। वह काफी समय से शहर की समस्याओं को जनहित याचिका के माध्यम से उठाते आ रहे हैं। 1 अगस्त, 2025 को मनोज चौधरी ने दो अवैध कॉम्प्लेक्सों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। 4 अगस्त, 2025 को चीफ जस्टिस कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली।
7 अगस्त को नये सिरे से डाली याचिका
4 अगस्त को याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि जब उनके द्वारा शहरभर में इस तरह के अवैध निर्माणों की जानकारी दी जा रही है तो यहां केवल दो निर्माण का जिक्र क्यों किया गया है। इसके बाद कोर्ट ने 7 अगस्त की तिथि निर्धारित कर दी। मनोज चौधरी ने नये सिरे से याचिका तैयार की और शहर के आठ अवैध कॉम्प्लेक्स का विवरण जोड़ते हुए कुल 10 पर सवाल उठा दिए।
इन निर्माणों को लेकर उठाए गए सवाल
जनहित याचिका में पहले पीएल शर्मा रोड पर बनी एक बेकरी और शिवाजी रोड के निर्माणाधीन अस्पताल को शामिल किया गया लेकिन बाद में इसमें बेगमपुल का निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स, उदय सिटी का एक कॉम्प्लेक्स, कबाड़ी बाजार का निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स, पल्लवपुरम सर्विस रोड पर बनाए गए तीन कॉम्प्लेक्स समेत आठ अवैध कॉम्प्लेक्स शामिल किए गए। सभी नियम विरूद्ध निर्माण किए गए थे।