Madhya Pradesh weather.. प्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 31 जिलों में अगले 72 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर-चंबल से लेकर बुंदेलखंड तक तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि, सीहोर ज़िले में अब तक बारिश की बेहद कमी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय प्रशासन चिंतित है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त और सितंबर तक औसत बारिश का लक्ष्य पूरा हो सकता है।
31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बताया है कि ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 4 से 6 अगस्त के बीच यह सिस्टम सक्रिय रहने की उम्मीद है।
सीहोर ज़िला अभी भी बारिश से वंचित
जबकि पड़ोसी जिलों में अच्छी बारिश हो रही है, सीहोर ज़िले में अभी तक अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है। सीवन नदी पूरी तरह से सूखी है और सिर्फ एक बार ही स्टॉपडैम ओवरफ्लो हुआ है। पिछले साल की तुलना में अब तक 12.3 मिमी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम प्रणाली से फिर बढ़ी उम्मीदें
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन फिलहाल मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय है। इसके असर से अगले 72 घंटों में अधिकांश जिलों में तेज बारिश देखने को मिलेगी। उम्मीद की जा रही है कि अगस्त और सितंबर तक बारिश सामान्य स्तर तक पहुंच जाएगी।
कई तहसीलों में असंतुलित वर्षा
सीहोर की इछावर, आष्टा, श्यामपुर तहसीलों में अब तक औसत से कम बारिश हुई है, जबकि बुदनी, भैरुंदा, और रेहटी जैसे नर्मदा तटीय इलाकों में औसत से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह असंतुलन किसानों की चिंता का कारण बना हुआ है।