Education Minister Pralhad Joshi: नीट पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर 26 दिनों से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव किया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभाव सौंप दिया है। रविवार सुबह प्रह्लाद जोशी ने हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया और इसके बाद शिक्षा मंत्रालय पहुंचकर औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों के साथ की बैठक
पह्लाद जोशी ने आज यानि रविवार को शिक्षा मंत्री का पद संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस बैठक में उन्होंने सख्त संदेश देते हुए साफ कहा कि सरकारी कार्यों या व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीएम का जताया आभार
आपको बता दें कि मंत्रालय का कार्यभार संभालने से पहले प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और कहा कि वह अपनी नई जिम्मेदारी पर पूरी तरह खरे उतरेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं और इस दिशा में आगे भी काम जारी रहेगा।
Today, I assumed charge as the Union Minister for Education.
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) July 26, 2026
I am grateful to Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji for placing his faith in me and entrusting me with this responsibility. I accept it with humility and a deep sense of duty.
ಇಂದು ಭಾರತ ಸರ್ಕಾರದ ಕೇಂದ್ರ ಶಿಕ್ಷಣ… pic.twitter.com/Ge2ulvf3L8
22 साल से लोकसभा सांसद
आपको बता दें कि प्रह्लाद जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रह्लाद जोशी का नाम बीजेपी के अनुभवी नेता के तौर पर लिया जाता है। साल 2004 में वह पहली बार धारवाड़ से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और पांच चुनाव में लगातार जीत हासिल की है। वह पिछले 22 साल से लोकसभा सांसद हैं।
बीते दिन मिली थी जिम्मेदारी
गौरतलब है कि शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंजूर किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने तुरंत ही शिक्षा मंत्रालय के कामकाज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की।