आईपीएल 2026 के मुकाबले में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या का एक फैसला चर्चा का विषय बन गया। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए मैच में शार्दुल ठाकुर को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतारा गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि उन्हें न बल्लेबाजी का मौका मिला और न ही गेंदबाजी का। यह पहली बार है जब किसी इम्पैक्ट प्लेयर का इस तरह उपयोग हुआ।
सिर्फ नाम के इम्पैक्ट प्लेयर बने शार्दुल
इम्पैक्ट प्लेयर नियम का मकसद टीम को रणनीतिक फायदा देना होता है, लेकिन इस मुकाबले में शार्दुल ठाकुर सिर्फ नाम के इम्पैक्ट प्लेयर बनकर रह गए। पूरे मैच के दौरान उन्हें किसी भी भूमिका में इस्तेमाल नहीं किया गया। इस फैसले ने फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिकॉर्ड बेहतर फिर भी मौका नहीं
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो शार्दुल ठाकुर का प्रदर्शन इस सीजन में खराब नहीं रहा है। उन्होंने 7 मैचों की 5 पारियों में 6 विकेट लिए हैं, जो टीम के कई प्रमुख गेंदबाजों से बेहतर है। उनकी तुलना में जसप्रीत बुमराह और खुद हार्दिक पंड्या का विकेट रिकॉर्ड कमजोर रहा है। इसके बावजूद उन्हें मौका न देना समझ से परे फैसला माना जा रहा है।
गेंदबाज पिटते रहे, फिर भी बदलाव नहीं
इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस के प्रमुख गेंदबाज महंगे साबित हुए। हार्दिक पंड्या की इकॉनमी 10.63 रही, जबकि बुमराह ने भी 13.50 की महंगी इकॉनमी से रन दिए। ऐसे में जब सभी गेंदबाज संघर्ष कर रहे थे, तब शार्दुल ठाकुर को आजमाने का विकल्प मौजूद था, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने ऐसा नहीं किया।
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रणनीति या गलती?
अब सवाल यही उठ रहा है कि यह फैसला टीम की रणनीति का हिस्सा था या फिर एक बड़ी चूक। इम्पैक्ट प्लेयर जैसे अहम नियम का इस तरह इस्तेमाल न करना टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। खासकर तब जब मुकाबला करीबी हो और हर विकल्प अहम बन जाता है।
फैंस और एक्सपर्ट्स में बहस तेज
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने कप्तानी फैसले की आलोचना शुरू कर दी है। कई क्रिकेट जानकार भी इस बात को लेकर हैरानी जता रहे हैं कि आखिर शार्दुल ठाकुर को मैदान पर उतारने के बावजूद इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। यह मामला अब आईपीएल 2026 की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है।