पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संभावित विरोध प्रदर्शन और लियाकत बाग में जमात-ए-इस्लामी की सभा के मद्देनजर रावलपिंडी में 1,300 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। तोशाखाना मामले में सजा का ऐलान किए जाने के बाद इमरान खान की ओर से एक्स हैंडल के जरिए लोगों से विरोध की गुजारिश की गई थी। शनिवार को ही फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की कोर्ट ने इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल के जेल की सजा सुनाई थी।
आंदोलन की तैयारी करने को कहा
पीटीआई नेता-कार्यकर्ताओं ने पार्टी संस्थापक इमरान को पूरा समर्थन देने का संकल्प लिया है। पार्टी का तर्क है कि उनके लीडर को जानबूझकर फंसाया गया है। पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा ने शनिवार को बताया कि इमरान खान ने अपने समर्थकों से सड़क पर आंदोलन की तैयारी करने को कहा है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।
340 कांस्टेबल्स को तैनात किए
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने दो पुलिस अधीक्षक, सात उप पुलिस अधीक्षक, 29 इंस्पेक्टर और स्टेशन हाउस ऑफिसर, 92 अपर सबोर्डिनेट और 340 कांस्टेबल्स को तैनात किया है। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने शहर भर में 32 पिकेट स्थापित किए हैं और एलीट फोर्स के कमांडो को भी शामिल किया गया है। स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने इसकी जानकारी दी है।
आंदोलन की तैयारी करने का संदेश भेजा
तोशाखाना मामले में फैसला आने के बाद इमरान खान ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है और फैसले को चुनौती देने का इरादा भी जाहिर किया। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई नेता और उनके वकील के बीच हुई बातचीत का ब्योरा एक्स पर शेयर किया गया, जिसके अनुसार, इमरान खान ने कहा, मैंने (खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री) सोहेल अफरीदी को सड़क पर आंदोलन की तैयारी करने का संदेश भेजा है। पूरे देश को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना होगा।
जांच हुई तो उनकी बात झूठ निकली
उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला कोई हैरानी की बात नहीं थी; हालांकि, उन्होंने अपनी लीगल टीम से फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाने को कहा। तोशाखाना-II भ्रष्टाचार मामले में एक आधिकारिक दौरे (मई 2021) के दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस ने इमरान खान को बहुमूल्य गिफ्ट दिया था। पाकिस्तान आर्काइव में जाने से बचाने के चक्कर में खान ने इसे मामूली कीमत का बताया था। जांच हुई तो उनकी बात झूठ निकली। मामला कोर्ट पहुंचा।