Bulandshahr News: थाना छतारी क्षेत्र के कीरतपुर गांव में गुरुवार दोपहर एक हृदय विदारक हादसा हो गया। स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौट रहे कक्षा 2 के छात्र को ईंटों से भरी एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
स्कूल से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, कीरतपुर निवासी उमंग (08 वर्ष) गांव के ही 'ठाकुर अमरसिंह राघव बाल निकेतन पब्लिक स्कूल' में कक्षा 2 का छात्र था। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह अन्य बच्चों के साथ पैदल अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसे अपनी चपेट में ले लिया। ट्रैक्टर का पहिया मासूम के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बदहवास होकर मौके पर पहुंचे। परिजन आनन-फानन में घायल उमंग को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डिबाई पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही मां सुनीता देवी चीख मारकर बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने भागने का प्रयास कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
डेढ़ साल पहले पिता को खोया, अब इकलौता सहारा भी गया
मृतक उमंग अपनी विधवा मां सुनीता देवी का इकलौता सहारा और तीन बहनों का अकेला भाई था। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उसके पिता राजकुमार की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। पिता के निधन के बाद मां मेहनत-मजदूरी और खेती-बाड़ी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। उमंग की चार बहनों में सबसे बड़ी रेनू (20 वर्ष) की शादी हो चुकी है, जबकि शिखा (14 वर्ष) और निक्की (12 वर्ष) अभी पढ़ाई कर रही हैं। घर के इकलौते वारिस की इस तरह मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों में भारी रोष
घटना को लेकर ग्रामीणों में ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की लापरवाही के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की गलियों और रास्तों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।