वाराणसी कैंट स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने एक चौंका देने वाली चोरी पकड़ी है, जिसमें एक बेरोजगार बीटेक पासआउट युवक आदर्श जायसवाल ने खुद को पूर्व मध्य रेलवे का टीटीई बताकर नकली आईडी और एप्रन पहनकर यात्रियों को नकली टिकट देकर ठगी की. उसने प्रेमिका से शादी करने के उद्देश्य से मोबाइल एप से जानबूझकर फर्जी टिकट जारी किए, जिससे कई यात्री भ्रमित हुए और आर्थिक रूप से प्रभावित हुए. जांच में पता चला कि आदर्श ने दो मार्च को अपने गांव के साइबर कैफे के माध्यम से नकली पहचान पत्र बनवाया था.
फर्जी टीटीई का भंडाफोड़
वाराणसी कैंट स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो फर्जी पूर्व मध्य रेलवे का आईडी और टीटीई का एप्रन पहनकर यात्रियों को गुमराह कर रहा था. गिरफ्तार शख़्स की पहचान आदर्श जायसवाल (निवासी- अत्रायला, रीवा, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई. उसने कबूल किया कि 2 मार्च को अपने गांव के एक साइबर कैफे में फर्जी आईडी बनवाई थी.
प्रेमिका से शादी के लिए बनाया प्लान
आदर्श ने बताया कि वह बेरोज़गार बीटेक पासआउट है. अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए उसने फर्जी टीटीई बनने का प्लान बनाया और मोबाइल एप की मदद से नकली टिकट बनाना शुरू किया.
कई यात्रियों को ठगा
17 जून को उसने दो महिला यात्रियों ज्योति किरण और गुनगुन को जनता एक्सप्रेस, बी‑3 कोच वाराणसी से लक्सर के नकली टिकट दिए गए. अगले दिन उन्होंने बी‑3 कोच की जगह एम‑2 कोच न होने पर शिकायत की. वहीं एक अन्य यात्री दिनेश यादव को कैंट स्टेशन के आरक्षण केंद्र से मुंबई के लिए ई‑टिकट बुक कराया गया, लेकिन टिकट में गड़बड़ी होने पर यात्री ने पैसे लौटवाए और विवाद हो गया.
पुलिस ने कैसे पकड़ा?
पुलिस ने लंबी जांच परख और यात्रियों से शिकायत मिलने पर आरोपी को पकड़ लिया. उस पर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को भंग करने का गंभीर आरोप है.
आदर्श ने कुबूल किया जुर्म
आदर्श ने स्वीकार किया कि वह अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन बेरोज़गारी के चलते उसका परिवारवाले विरोध कर रहे थे. शादी का दबाव झेलने की वजह से वह नकली टीटीई बन गया. अब आरोपी पर आईपीसी सहित रेल और साइबर अपराधों के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की पुलिस पूछताछ जारी है.