उत्तर प्रदेश के लखनऊ की विज्ञानपुरी कॉलोनी से एक भयावह हत्याकांड सामने आया है. जिसमें एक सौतेले पिता ने अपनी बीसीए की पढ़ाई कर रही 19 वर्षीय बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस क्रूरता का सच उजागर किया. छात्रा सिमरन की गर्दन, हाथ-पैरों और जबड़े पर चाकू के 18 गहरे घाव थे. घायल होने के बाद आरोपी पिता विकास चंद्र पांडेय ने सिमरन की गर्दन पर पैर रखकर उसे दबाए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. यही नहीं बेटी की मौत के बाद आरोपी इसके शव पर नाच रहा था.
शव देख कांप उठी लोगों की रूह
छात्रा सिमरन की मौत की खबर सुनकर उसके घर पर मातम छा गया. मंगलवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पढ़ते हुए और उसके शव को देख कर उसकी मां रेखा राजपूत और मामा उजेन्द्र सहम गए. रेखा ने बताया कि 2021 में अपनी पहले पति के निधन के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के रीवा निवासी विकास से दूसरी शादी की थी, जो शुरू से ही नशे और हिंसा का शिकार था. सोमवार शाम को जब सिमरन ने उसके दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई, तो उस पर अंधाधुंध चाकूबाज़ी की गई.
आरोपी की किया गया गिरफ्तार
सूत्रों के अनुसार, विकास ने पहले चाकू से कई वार किए, जब सिमरन बेसुध होकर फर्श पर गिर गई, तो उस पर पैर रखकर गर्दन दबाई. जबतक सिमरन की मौत नहीं हो गई. इन्स्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि रेखा ने पुलिस को शिकायत की थी और हत्या के मुकदमे में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
संपत्ति पर थी नजर
जांच में यह भी सामने आया कि विकास ने सिमरन और रेखा के नामित संपत्तियों को बेचा और घर को भी सौंपने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की. रेखा ने बताया कि विकास ने उनके घर का एक प्लॉट 3 करोड़ रुपये में बेच दिया. जिसमें से 80 लाख ही उनके खाते में पहुंचे थे और अब विज्ञानपुरी स्थित मकान पर कब्जा करना चाहता था.
पीड़िता की मां का बयान दर्ज करेगी पुलिस
इस मामले में अब पुलिस मां रेखा का बयान दर्ज करेगी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का हवाला देकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. प्राथमिक जांच में पता चला है कि विकास पहले ई‑रिक्शा चलाता था, फिर 2020 में किराएदार के तौर पर उनके घर पर रहने लगा और बाद में विवाह कर लिया।