
वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थ यात्रा के दौरान हुए लैंडस्लाइड में मुजफ्फरनगर शहर के भी सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें एक का पार्थिव शरीर पहले पहुंच गया था जबकि एक ही मोहल्ले के 6 श्रद्धालुओं के शव शुक्रवार देर रात मुजफ्फरनगर शहर के रामपुरी में उनके घर पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। सभी की आंखें नम हो गईं। शनिवार की सुबह जब छह अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरा मोहल्ला रो पड़ा और शहर में हर तरफ शोक व्याप्त रहा। हजारों लोगों की उपस्थिति में शहर के शमशान घाट पर गमगीन वातावरण में सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दरअसल नगर के दक्षिणी रामपुरी के विभिन्न परिवार के 23 लोग (जिनमें महिला बच्चे भी शामिल थे) वैष्णो देवी की यात्रा पर गए थे। 27 अगस्त को कटरा में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुई लैंड स्लाइड में मुजफ्फरनगर के भी कई श्रद्धालु पहाड़ से आए मलबे में दब गए थे जिसमें श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें दक्षिणी रामपुरी निवासी तीन परिवारों के छह लोगों की मौत हो गई जिनमें रामवीरी और उनकी बेटी अंजलि, ममतेश और उनकी बेटी आकांक्षा तथा दो सगे भाई दीपेश और अनंत की मौत हो गई थी। इसके अलावा एक अन्य कार्तिक की भी इस हादसे में मलबे में तुमने से मौत हो गई थी। शुक्रवार देर रात छह श्रद्धालुओं के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। सभी की आंखें नम हो गईं। शनिवार सुबह अंतिम संस्कार करने के लिए शव यात्रा में एक साथ छह अर्थियां उठीं तो पूरा नगर और आसपास के क्षेत्र से लोग उमड़ पड़े। पूर्व सांसद कादिर राणा ने भी शव यात्रा में आर्थियों को कंधा दिया। काली नदी किनारे शहर श्मशान घाट पर सभी का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ।
अंतिम संस्कार के समय पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान, मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से सपा सांसद हरेंद्र मलिक, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, पूर्व सांसद कादिर राणा, पूर्व विधायक प्रमोद उटवाल, भाजपा नेता राजीव गर्ग, विजेंद्र पाल, रोहताश पाल, सुनील दर्शन, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला समेत बड़ी संख्या में विभिन्न दलों से जुड़े राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व नगर के लोग उपस्थित रहे।