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नोएडा, ग्रेटर नोएडा और कानपुर में शुक्रवार को आयकर विभाग ने रेड टेप कंपनी के खिलाफ एक समन्वित और व्यापक छापेमारी अभियान चलाया, जिसने कारोबारी जगत में हलचल मचा दी है। विभाग की टीमें सुबह से ही सक्रिय रहीं और कुल 38 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। यह छापेमारी कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित परिसरों पर की गई, जिसमें टैक्स चोरी, अघोषित आय और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
नोएडा के सेक्टर-44 स्थित स्टेलर अपार्टमेंट्स समेत कई प्रमुख स्थानों पर आयकर अधिकारियों ने दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। सूत्रों के अनुसार, विभाग को पहले से कुछ अहम सुराग मिले थे, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई। रेड टेप कंपनी, जो जूते और परिधान निर्माण के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम है, अब जांच के घेरे में आ गई है।
ग्रेटर नोएडा में भी कई गोदामों और कार्यालयों पर छापेमारी की गई, जहां से बहीखातों, डिजिटल रिकॉर्ड्स और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आयकर विभाग की टीमें इन दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंपनी ने कितनी राशि को कर दायरे से बाहर रखा है।
कानपुर में कंपनी के उत्पादन इकाइयों और वितरक नेटवर्क पर भी छापेमारी की गई है। वहां से भी कई संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें विभाग खंगाल रहा है। इस कार्रवाई में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और कानपुर की आयकर इकाइयों के अलावा दिल्ली मुख्यालय से भी अधिकारी शामिल हुए हैं। फिलहाल आयकर विभाग ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कंपनी पर भारी कर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव है।