आयकर विभाग ने प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में करीब दो हजार करदाताओं को अलर्ट जारी किया है। ये वे लोग हैं, जिन पर विदेशों में निवेश के जरिए आय या संपत्ति छिपाने का शक है। विभाग ने इन व्यक्तियों को एसएमएस, ईमेल और नोटिस के माध्यम से विदेशी आय, बैंक खातों, निवेश और परिसंपत्तियों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। यह कार्रवाई ब्लैक मनी अधिनियम 2015 के तहत की जा रही है।
वित्तीय संपत्तियां आईटीआर में घोषित नहीं
सूत्रों के अनुसार पूर्वांचल के वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर सहित कई जिलों के व्यवसायी, संपत्ति कारोबारी और अन्य उच्च आय वर्ग के लोग इस अलर्ट के दायरे में हैं। विभाग को अंतरराष्ट्रीय सूचना आदान-प्रदान (एईओआई) के तहत कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (सीआरएस) और एफएटीसीए से मिली जानकारी के आधार पर इन मामलों की पहचान की गई है। विदेशी बैंक खाते, शेयर निवेश, अचल संपत्ति (जैसे दुबई में फ्लैट) और अन्य वित्तीय संपत्तियां आईटीआर में घोषित नहीं की गईं, जिससे शक पैदा हुआ।
आय का खुलासा न करना गंभीर अपराध
आयकर अधिकारियों का कहना है कि विदेशी संपत्ति या आय का खुलासा न करना गंभीर अपराध है। इसके लिए 10 लाख रुपये तक जुर्माना, 30 प्रतिशत कर और कर की तीन गुना तक पेनल्टी लग सकती है। विभाग ने इन करदाताओं को 31 दिसंबर 2025 तक संशोधित आईटीआर दाखिल करने की सलाह दी है, ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके। यदि विवरण नहीं दिया गया, तो जांच, छापेमारी और मुकदमा चल सकता है।
राष्ट्रीय स्तर पर 25 हजार उच्च जोखिम वाले मामलों में अलर्ट भेजे
राष्ट्रीय स्तर पर आयकर विभाग ने इसी साल नवंबर से 'नड्ज' अभियान के तहत 25 हजार उच्च जोखिम वाले मामलों में अलर्ट भेजे हैं। पिछले वर्ष इस अभियान से 29 हजार करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्तियां सामने आईं। पूर्वांचल में दुबई, अमेरिका और अन्य देशों में संपत्ति निवेश के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। प्रवासी मजदूरों की कमाई और व्यवसायियों के विदेशी लेन-देन से यह समस्या बढ़ी है। करदाता संगठनों ने विभाग की इस पहल का स्वागत किया, लेकिन अनजाने में गलती करने वालों के लिए राहत की मांग की।
ईमानदार करदाता घबराएं नहीं
विभाग ने स्पष्ट किया कि ईमानदार करदाता घबराएं नहीं, बल्कि शेड्यूल एफए (विदेशी संपत्ति) और एफएसआई (विदेशी आय) में सही जानकारी दें। यह कदम काले धन पर अंकुश लगाने और कर अनुपालन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में और मामलों की जांच तेज हो सकती है।