बलिया के रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास और अन्य ठिकानों पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह छापेमारी की। अधिकारी तीन गाड़ियों में पहुंचे और खनवर स्थित पैतृक घर को घेर लिया। बताया जा रहा है कि टीम ने घर में मौजूद लोगों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई।
होटल और प्लांट पर भी जांच
आयकर विभाग की टीम ने विधायक से जुड़ी छात्रशक्ति इंफ्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्लांट पर भी पहुंचकर कागजात खंगाले। खबर है कि प्लांट को सील कर दिया गया है। इसके अलावा रसड़ा स्थित विधायक के होटल ‘स्काई’ में भी जांच की गई। छापेमारी के समय विधायक के भाई रमेश सिंह मौजूद थे, जो कंपनी के निदेशक बताए जाते हैं।
मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उमाशंकर सिंह पिछले दो साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। मंत्री के मुताबिक, विधायक की प्राथमिकता इस समय स्वास्थ्य है, न कि कारोबार। उन्होंने एजेंसियों की टाइमिंग और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए।
बीमारी का दिया हवाला
मंत्री ने कहा कि विधायक इतने अस्वस्थ हैं कि विधानसभा सत्र में भी शामिल नहीं हो पाए। उनका दावा है कि उमाशंकर सिंह आइसोलेशन में रह रहे हैं और उनके व्यवसाय लगभग बंद हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि इस समय डॉक्टर और नर्स को भी मिलने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी तबीयत बिगड़ती है तो जिम्मेदारी एजेंसियों पर होगी।
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सियासत में बढ़ी हलचल
मंत्री की इस प्रतिक्रिया ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। एक ओर सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उनके ही मंत्री जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उमाशंकर सिंह और दिनेश प्रताप सिंह आपस में रिश्तेदार हैं।
आगे क्या होगा
फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला किस दिशा में जाएगा। वहीं इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी है।