IND vs WI 5th T20 : भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों टीमें सीरीज जीतने के इरादे से उतरेंगी। हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 में भारत को 24 रन से हार मिली थी। इसके बाद सीरीज 2-2 से बराबर हो गई। अब भारतीय टीम के सामने जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने की चुनौती है। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में बदलाव और खिलाड़ियों की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।
कुलदीप यादव की हो सकती है वापसी
निर्णायक मुकाबले में कुलदीप यादव की वापसी पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने सीरीज के शुरुआती दो टी20 मुकाबले खेले थे, लेकिन तीसरे और चौथे मैच में उन्हें मौका नहीं मिला। कुलदीप ने इसी दौरे की वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन मैचों में सात विकेट लिए थे। बेंगलुरु की पिच पर अगर स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलती है, तो कुलदीप विरोधी बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम मैनेजमेंट ही करेगा।
मिडिल ओवर्स में तेजी से बनाने होंगे रन
भारतीय बल्लेबाजों को बीच के ओवरों में अपनी रणनीति बदलने की जरूरत है। सीरीज के दौरान टीम ने कई बार अच्छी शुरुआत की, लेकिन मिडिल ओवर्स में रन बनाने की रफ्तार धीमी पड़ गई। इसका असर बड़े स्कोर पर पड़ा। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद हो सकती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को स्ट्राइक रोटेट करने के साथ खराब गेंदों पर बड़े शॉट लगाने होंगे। अगर भारत को निर्णायक मुकाबले में मजबूत स्कोर खड़ा करना है, तो बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखना जरूरी होगा।
तेज गेंदबाजों को बदलनी होगी रणनीति
बेंगलुरु में तेज गेंदबाजों के सामने भी बड़ी चुनौती होगी। छोटी बाउंड्री के कारण बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट लगाने की कोशिश करेंगे। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों को सिर्फ रफ्तार और लाइन-लेंथ पर निर्भर रहने के बजाय अपनी गेंदबाजी में बदलाव करना होगा। धीमी गेंदें, कटर और पिच पर गेंद पटककर फेंकने की रणनीति उपयोगी हो सकती है। गेंद की गति में बदलाव करके बल्लेबाजों को गलत शॉट खेलने के लिए मजबूर किया जा सकता है। डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी भारत की जीत में अहम भूमिका निभा सकती है।
वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?
निर्णायक मुकाबले से पहले वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की चर्चा भी हो सकती है। युवा बल्लेबाज अपनी आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन इस सीरीज में उन्हें अब तक खेलने का अवसर नहीं मिला है। टीम मैनेजमेंट को यह तय करना होगा कि मौजूदा संयोजन में बदलाव करना सही रहेगा या नहीं। सीरीज दांव पर होने के कारण टीम अनुभव और मौजूदा प्रदर्शन को ध्यान में रखकर फैसला कर सकती है। वैभव को मौका मिलता है या नहीं, यह टॉस से पहले घोषित होने वाली प्लेइंग इलेवन से साफ होगा।
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भारत के सामने जीत के लिए तीन बड़ी चुनौतियां
टीम इंडिया को सीरीज जीतने के लिए तीन अहम बातों पर ध्यान देना होगा। पहली, जरूरत पड़ने पर कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज की वापसी से स्पिन आक्रमण को मजबूत करना। दूसरी, मिडिल ओवर्स में रन गति कम नहीं होने देना। तीसरी, तेज गेंदबाजों को परिस्थितियों के मुताबिक नई रणनीति अपनानी होगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम मैनेजमेंट निर्णायक मैच में किस संयोजन के साथ उतरते हैं।