India vs West Indies T20 : भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में 9 अक्टूबर को खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय बल्लेबाजों ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 249 रन बनाए थे। इतने बड़े स्कोर के बावजूद भारतीय गेंदबाज वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को रोक नहीं सके। कैरेबियाई टीम ने 18.3 ओवर में 252 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के बाद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन और टीम की रणनीति पर सवाल उठाए।
गावस्कर बोले, बल्लेबाजों को दोष देना गलत
स्टार स्पोर्ट्स पर चर्चा के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि इस हार के लिए भारतीय बल्लेबाजों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, टीम ने 249 रन बनाकर जीत के लिए मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन गेंदबाज अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे। गावस्कर ने कहा कि शुरुआत में उन्हें भारत के 235 से 240 रन तक पहुंचने का अनुमान था, लेकिन टीम ने उससे भी ज्यादा रन बनाए। ऐसे में हार की वजह बल्लेबाजी नहीं, बल्कि गेंदबाजी में हुई चूक रही।
बॉलिंग कोच से पूछना चाहिए क्या था प्लान
गावस्कर ने भारतीय गेंदबाजों की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि गेंदबाजी कोच ने उनसे किस तरह की गेंदबाजी की उम्मीद की थी और क्या उन्होंने उस योजना पर अमल किया। उनके इस बयान ने टीम इंडिया की गेंदबाजी रणनीति को चर्चा में ला दिया है। बड़े स्कोर का बचाव करते समय गेंदबाजों को सही लाइन-लेंथ, विकेट लेने के मौके और रन रोकने की रणनीति पर काम करना होता है। इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाज ऐसा करने में सफल नहीं रहे।
अक्षर और कुलदीप ने जमकर रन लुटाए
रांची में भारतीय गेंदबाजों के आंकड़े भी टीम की परेशानी दिखाते हैं। अक्षर पटेल ने 3.3 ओवर में 63 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। कुलदीप यादव ने चार ओवर में 53 रन खर्च किए और एक विकेट हासिल किया। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह भी रन रोकने में नाकाम रहे। इसके उलट मयंक यादव ने तीन विकेट लेकर भारत को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार रन बनने के कारण उनकी मेहनत टीम को जीत नहीं दिला सकी।
शिवम दुबे को गेंद देने के फैसले पर सवाल
गावस्कर ने मैच के एक अहम मोड़ पर गेंदबाजी में किए गए बदलाव पर भी सवाल उठाए। वेस्टइंडीज ने शुरुआती झटकों के बाद 58 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। उस समय भारतीय टीम के पास विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ाने का मौका था। गावस्कर के मुताबिक, सातवें ओवर में शिवम दुबे को गेंद देने के बजाय अर्शदीप सिंह से गेंदबाजी जारी रखवाई जा सकती थी। उनके अनुसार, इस फैसले से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को संभलने का मौका मिला।
इसे भी पढ़ें : चंडीगढ़ में AAP का जोरदार प्रदर्शन, Manish Sisodia हिरासत में; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
भारत को गेंदबाजी रणनीति पर करना होगा काम
इस मुकाबले में भारत की हार ने बड़े स्कोर के बावजूद गेंदबाजी में सुधार की जरूरत को सामने ला दिया है। 249 रन बनाने के बाद टीम को जीत के लिए विपक्षी बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखना था, लेकिन वेस्टइंडीज ने आक्रामक बल्लेबाजी से लक्ष्य हासिल कर लिया। गावस्कर की टिप्पणियों के बाद अब भारतीय गेंदबाजों की योजना, ओवरों का सही इस्तेमाल और कप्तानी के फैसलों पर चर्चा हो रही है। आगामी मुकाबलों में टीम इंडिया इन कमियों को दूर कर पाती है या नहीं, इस पर क्रिकेट फैंस की नजर रहेगी।