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उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, मोदीपुरम के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात दिव्यांग कर्मचारी अनिल चौधरी (निवासी मीनाक्षीपुरम, मवाना रोड) ने अपने ही विभागीय वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनिल चौधरी स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत हैं और शारीरिक दिव्यांगता के कारण बिना सहारे चलने में असमर्थ हैं। कई वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे अनिल चौधरी को अपनी ड्यूटी समय से पूर्ण करने के लिए सहायक कर्मचारी की आवश्यकता होती है।
पीड़ित ने बताया कि पूर्व में विभाग द्वारा सहयोगी कर्मचारी ओमेंद्र को उनकी मदद के लिए लगाया गया था, लेकिन मोदीपुरम डिपो में तैनात सीनियर फोरमैन अरविंद कुमार ने जानबूझकर ओमेंद्र को उनके पास से हटाकर दूसरे क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया।
जब अनिल चौधरी ने इसका विरोध किया और सहयोगी कर्मचारी को वापस उनकी ड्यूटी में लगाने की मांग की तो फोरमैन अरविंद कुमार ने उनसे अभद्र भाषा में बात की, गाली-गलौज की और यहां तक कि जबरन रिटायरमेंट दिलवाने की धमकी भी दी।
पीड़ित का आरोप है कि अरविंद कुमार ने सहयोगी कर्मचारी को वापस ट्रांसफर करने के एवज में 50,000 रुपए रिश्वत की मांग की। पैसे देने से मना करने और अधिकारियों को सूचित करने की बात कहने पर अरविंद कुमार ने गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि बार-बार सूचना देने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने अब तक अरविंद कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। थकहार कर अनिल चौधरी के पुत्र अमित चौधरी ने थाना पल्लवपुरम में तहरीर दी है, जिसमें फोरमैन अरविंद कुमार पर रिश्वतखोरी, धमकी और दिव्यांग कर्मचारी से अभद्रता के गंभीर आरोप लगाते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
दिव्यांग कर्मचारियों के अधिकार-
हाईकोर्ट आदेश 2022 : दिव्यांग कर्मचारियों से संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाए।
दिव्यांग कर्मचारियों को हल्का कार्य सौंपने का निर्देश।
सहयोगी/सहायक स्टाफ उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी।
दिव्यांग कर्मचारियों के साथ भेदभाव करना कानूनन अपराध।
रिश्वतखोरी और अभद्र व्यवहार पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान।