देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ अभियान पर विशेष जोर देखने को मिला।
तिरंगे को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों से तिरंगे को केवल घरों पर फहराने तक सीमित न रखने, बल्कि उसे अपने मन और विचारों से जोड़ने का आह्वान किया। इससे पहले भी उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में लोगों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और पूरे गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की थी। उनका संदेश राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और नागरिक भागीदारी की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित रहा।
VIDEO | Independence Day 2026: Addressing the nation from ramparts of Red Fort, PM Modi, says, "For years, people with a Maoist ideology had established themselves in the corridors of power and influenced policymaking, including as advisers on government committees. We have… pic.twitter.com/mUquszPwYY
— Press Trust of India (@PTI_News) August 15, 2026
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनके साहस, त्याग और संघर्ष से मिली आजादी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को देश के वर्तमान विकास और भविष्य के लक्ष्यों से जोड़ते हुए विकसित भारत के संकल्प पर भी जोर दिया।
युवाओं की भूमिका पर भी रहा जोर
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवा शक्ति को विशेष महत्व दिया गया है। कार्यक्रम की थीम में युवाओं की ऊर्जा, आकांक्षाओं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को प्रमुखता दी गई। ऐसे में प्रधानमंत्री के संबोधन में भी युवाओं को देश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बनाने और उनकी क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का संदेश प्रमुख रहा।
पहली बार लाल किले पर गूंजा वंदे मातरम्
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी देखने को मिला। लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले किया गया। इस आयोजन को स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। 15 अगस्त 2026 के समारोह में देशभक्ति, युवा शक्ति और विकसित भारत के संकल्प का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया।