भारत ए और श्रीलंका ए के बीच रविवार को त्रिकोणीय सीरीज का फाइनल खेला जाएगा। मुकाबला दांबुला में भारतीय समय के अनुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा। भारत ए की नजर खिताब जीतने पर होगी, जबकि श्रीलंका ए अपने घर में ट्रॉफी बचाने उतरेगी। दोनों टीमों के बीच पिछला मुकाबला सुपर ओवर तक गया था। उस मैच में भारत ए को हार मिली थी। अब फाइनल में भारतीय टीम के पास उस हार का जवाब देने का बड़ा मौका है। खिलाड़ियों पर दबाव भी रहेगा और फैंस की नजर भी इस मुकाबले पर टिकी होगी।
पिछले मैच में हुआ था विवाद
भारत ए और श्रीलंका ए के पिछले मुकाबले के बाद मैदान पर माहौल गरमा गया था। मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने जीत दर्ज की थी। मुकाबला खत्म होने के बाद कुछ खिलाड़ियों के बीच बहस हो गई थी। वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के विशेन हलंबेज आमने सामने आ गए थे। दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्का मुक्की जैसी स्थिति भी दिखी थी। विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने बीच बचाव किया था। अब फाइनल में दोनों टीमें उस विवाद को पीछे छोड़कर खेल पर ध्यान देना चाहेंगी।
वैभव पर रहेंगी सबकी नजरें
भारत ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर सभी की नजर रहेगी। आईपीएल 2026 में शानदार खेल के बाद उन्हें सीनियर टीम में भी जगह मिली है। उन्होंने आईपीएल में 16 मैचों में 776 रन बनाए थे और 72 छक्के लगाए थे। लेकिन श्रीलंका की धीमी पिचों पर उनका बल्ला अब तक पूरी तरह नहीं चला है। चार मैचों में उन्होंने 14, 44, 21 और 38 रन बनाए हैं। फाइनल में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। वैभव अगर शुरुआत को बड़ी पारी में बदलते हैं तो भारत ए का काम आसान हो सकता है।
गायकवाड़ और तिलक से उम्मीद
भारत ए की बल्लेबाजी में ऋतुराज गायकवाड़ सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने इस सीरीज में एक शतक के साथ 234 रन बनाए हैं। कप्तान तिलक वर्मा ने भी अफगानिस्तान ए के खिलाफ अहम अर्धशतक लगाया था। प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र ने भी पिछले मैच में उपयोगी रन बनाए थे। भारत ए ने अफगानिस्तान ए के खिलाफ 319 रन बनाकर फाइनल में जगह बनाई थी। अगर वैभव जल्दी आउट होते हैं तो गायकवाड़ और तिलक पर जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। टीम को फाइनल में मजबूत शुरुआत की जरूरत होगी।
स्पिन गेंदबाज बन सकते हैं गेमचेंजर
दांबुला की पिच धीमी मानी जाती है। ऐसे में भारत ए की स्पिन गेंदबाजी खिताब की लड़ाई में अहम हो सकती है। निशांत सिंधू ने अफगानिस्तान ए के खिलाफ 31 रन देकर चार विकेट लिए थे। उनके साथ विपराज निगम और अनुकूल रॉय भी टीम के लिए बड़ा रोल निभा सकते हैं। तेज गेंदबाजी में अरशद खान और यश ठाकुर से शुरुआती विकेट की उम्मीद होगी। अरशद ने पिछले श्रीलंका मैच में आखिरी ओवर में शानदार गेंदबाजी कर मुकाबला सुपर ओवर तक पहुंचाया था। भारत को इस बार आखिरी ओवर तक मामला नहीं ले जाना होगा।
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खिताब से पहले संयम की परीक्षा
फाइनल सिर्फ बल्ले और गेंद की लड़ाई नहीं होगा। यह दोनों टीमों के संयम की भी परीक्षा होगी। पिछले मैच के विवाद के बाद खिलाड़ियों को मैदान पर शांत रहना होगा। भारत ए के लिए यह सीरीज युवा खिलाड़ियों को खुद साबित करने का बड़ा मंच है। वैभव सूर्यवंशी के लिए भी यह मौका खास है, क्योंकि जल्द ही उन्हें सीनियर टीम के साथ टी20 सीरीज खेलनी है। अगर भारत ए फाइनल जीतता है तो युवा खिलाड़ियों का भरोसा बढ़ेगा। अब देखना होगा कि दांबुला में कौन सी टीम दबाव संभालकर ट्रॉफी उठाती है।