दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक बड़े अंतरराष्ट्रीय एआई सम्मेलन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना ने न सिर्फ आयोजन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि और लोकतांत्रिक विरोध के तरीकों पर भी बहस छेड़ दी। सम्मेलन में देश-विदेश से आए मेहमान मौजूद थे, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
सुरक्षा घेरा टूटा, नारेबाजी से मचा हड़कंप
सम्मेलन के दौरान अचानक कुछ लोग बैनर-पोस्टर लेकर मुख्य हॉल के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी टी-शर्ट उतारकर विरोध दर्ज करा रहे थे, जिससे कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित हुई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया और परिसर से बाहर निकाला। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को उजागर किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस के मुताबिक, करीब 10 लोग इस विरोध में शामिल थे, जिनमें से 4–5 को हिरासत में लिया गया। बताया गया कि ये लोग क्यूआर कोड के जरिए प्रवेश कर पाए थे। सभी को नजदीकी थाने ले जाया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई, इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
सियासी प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप
इस घटना के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई। सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया और विपक्ष पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए नारों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। वहीं विपक्षी खेमे से जुड़े नामों, जिनमें राहुल गांधी शामिल हैं, पर भी सवाल उठाए गए। इस बीच एक वरिष्ठ नेता अमित मालवीय ने इसे राष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदगी करार दिया।
वैश्विक एआई संवाद और आगे की राह
यह सम्मेलन भारत द्वारा ग्लोबल साउथ के लिए आयोजित पहला बड़ा वैश्विक एआई आयोजन माना जा रहा है, जिसमें दर्जनों देशों के प्रतिनिधि और सैकड़ों विशेषज्ञ शामिल हुए। उद्देश्य था—नीति, तकनीक और नवाचार को जोड़कर ठोस विकास परिणाम हासिल करना। ऐसे में यह घटना याद दिलाती है कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उसकी अभिव्यक्ति शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से होनी चाहिए, ताकि देश की वैश्विक प्रतिष्ठा बनी रहे।