India alert on Hormuz crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर सक्रिय रुख अपनाया है। Strait of Hormuz से भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार निगरानी और समन्वय बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक एलपीजी से लदे चार भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस अहम समुद्री मार्ग को पार कर देश पहुंच चुके हैं।
जहाजों की सुरक्षा पर फोकस
विदेश मंत्रालय ने बताया कि कुल 24 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनमें से चार सुरक्षित निकल चुके हैं। बाकी जहाजों के सुरक्षित ट्रांजिट के लिए संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क रखा जा रहा है। सरकार केस-बाय-केस आधार पर स्थिति की समीक्षा कर रही है ताकि किसी भी तरह का जोखिम टाला जा सके।
ऊर्जा आपूर्ति पर संतुलित रणनीति
भारत की ऊर्जा नीति 1.4 अरब लोगों की जरूरतों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक हालात को ध्यान में रखकर तय की जा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस दिशा में तकनीकी और व्यावसायिक फैसले ले रहा है। सरकार कई स्रोतों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर काम कर रही है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो।
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कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पेरिस में हुई G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, मानवीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और ग्लोबल साउथ पर युद्ध के प्रभाव जैसे मुद्दे उठाए। साथ ही कई देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं भी की गईं।
खाद और गैस सप्लाई पर नियंत्रण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैस आपूर्ति में बाधाओं के बावजूद देश में खाद उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। नए नियमों के तहत उर्वरक कारखानों को प्राथमिकता दी गई है और गैस सप्लाई को बढ़ाकर लगभग 80% तक पहुंचाया गया है। पर्याप्त खाद भंडार होने का दावा करते हुए सरकार ने कहा है कि आने वाले फसल सीजन में भी किसानों को किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।